पंजाब से ननकाना साहिब माथा टेकने गई सरबजीत कौर के वापस लौटने की संभावना लगभग खत्म हो चुकी हैं। यह दावा भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने किया है।
एजेंसियों के अनुसार सरबजीत कौर उर्फ नूर हुसैन ने अपने निकाह को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए पति नासिर हुसैन के साथ पाकिस्तान के शेखुपुरा की अदालत में अर्जी दाखिल की है। इसके अलावा उसने वीजा अवधि बढ़ाने और पाकिस्तानी नागरिकता हासिल करने की भी याचिका लगाई है। कानूनी दस्तावेजों और जांची जा रही शपथ-पत्रीय जानकारी के आधार पर पाक अदालत में यह मामला अब तेजी से आगे बढ़ रहा है।
बड़ी सुरक्षा चुनाैती
अधिकारियों का यह भी मानना है कि इस तरह के मामलों में कई बार सोशल मीडिया के संपर्क, धार्मिक यात्राओं का दुरुपयोग तथा सीमा-पार एजेंटों की सक्रियता देखी जाती है। यही वजह है कि ऐसे मामलों को अब बड़ी सुरक्षा चुनौती माना जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति से उसने शादी की है वह सोशल मीडिया पर उसके साथ 10 वर्षों से संपर्क में थी। वहीं कपूरथला स्थित सरबजीत के घर में माहौल गमगीन है। अचानक सरबजीत के निकाह करने की खबर से हर कोई सदमे में है। वो अब भी उसके वापस लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
धार्मिक यात्राओं पर सवाल
यह मामला न सिर्फ एक व्यक्तिगत कहानी है, बल्कि यह सीमा पार धार्मिक यात्राओं और सोशल संपर्कों के बढ़ते जोखिमों पर भी एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है। जो आने वाले समय में और भी मुसीबतें पैदा कर सकता है।
होशियारपुर की किरण बाला भी ऐसे ही हुई थी लापता
इससे पहले भी कई भारतीय महिलाओं के पाकिस्तान पहुंचने और निकाह के बाद वहीं बस जाने के मामले सामने आ चुके हैं। होशियारपुर की किरण बाला उर्फ अमना बीबी का मामला आज भी पंजाब और सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड में एक मिसाल के तौर पर दर्ज है। वह भी धार्मिक जत्थे के माध्यम से वर्ष 2018 में पाकिस्तान पहुंची थीं और निकाह के बाद कभी भारत नहीं लौटीं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि सरबजीत कौर का मामला ठीक उसी पैटर्न पर आगे बढ़ता दिख रहा है।