दवाओं की बिक्री और ड्रग विभाग के पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड में अंतर, तीसरे दिन भी जारी रहा आयकर विभाग का सर्वे
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। आयकर विभाग की नशामुक्ति केंद्रों में दवाओं की बिक्री और वित्तीय लेनदेन की जांच तीसरे दिन भी जारी रही। विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस जांच में करीब सौ से दो सौ करोड़ रुपये की कर चोरी सामने आने की संभावना है। जांच में दवाओं की बिक्री और ड्रग विभाग के पोर्टल पर दर्ज रिकॉर्ड के बीच अंतर मिला है।
प्रिंसिपल डायरेक्टर इनकम टैक्स (इन्वेस्टिगेशन), लुधियाना और चंडीगढ़ की टीमों ने सोमवार सुबह पंजाब और चंडीगढ़ के 17 शहरों में 20 स्थानों पर सर्वे शुरू किया था। तीसरे दिन कुछ स्थानों पर कार्रवाई पूरी हो गई, जबकि अन्य जगहों पर रिकॉर्ड की जांच जारी है। कई नशामुक्ति केंद्र सुमन इंफो हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड के अधीन संचालित बताए जा रहे हैं। आयकर विभाग ने संचालकों के लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेज की जांच की है। सूत्रों के मुताबिक, चार रुपये की लागत वाली गोली 80 रुपये तक में बेचे जाने की बात भी सामने आई है।
मरीजों के बयान और जांच का दायरा
सर्वे के दौरान आयकर विभाग की टीमों ने केंद्रों में दवा लेने पहुंचे मरीजों से भी बातचीत की। उनके बयान दर्ज किए गए। कुछ मरीजों ने बताया कि उन्हें केवल दवाएं दी जाती थीं, अन्य गतिविधियां नहीं करवाई जाती थीं। कुछ मरीजों ने लंबे समय तक एक जैसी दवा दिए जाने और खुराक में बदलाव नहीं होने की बात कही। यह कार्रवाई अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, पटियाला, मानसा, खन्ना, मलोट सहित कई शहरों में की गई है।