संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पांच करोड़ रुपये की रिश्वत के आरोपों से जुड़े मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार को गैंगस्टरों का रखवाला बताया है। उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की पत्नी गुरप्रीत कौर की ओर से भेजे गए नोटिस के बाद अब उन्हें भी धमकी भरे फोन आ रहे हैं।
मजीठिया ने कहा कि उन्हें अभी तक कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि नोटिस मिलने पर उसका स्वागत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं। मजीठिया ने न्याय के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने का संकल्प लिया। उनके अनुसार, पहले पीड़ित परिवारों को धमकियां मिलीं। अब उन्हें भी धमकी भरे फोन आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बलात्कार के आरोपियों को बचाने के लिए पांच करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। इसी के तहत आरोपियों को दो महीने में जमानत भी मिल गई। मजीठिया ने इसे पुलिस और सरकार की मिलीभगत बताया।
मजीठिया ने बताया कि पीड़ित परिवारों ने हाईकोर्ट में हलफनामा देकर बयान दर्ज करवाए हैं। उन्होंने एफआईआर नंबर 77 और 122 का जिक्र किया। मजीठिया ने कहा, गुरचरण उर्फ गुरी चाहल को पांच करोड़ रुपये देकर अमेरिका भेजा गया था। उन्होंने इस पूरे नेक्सस का जल्द खुलासा करने की बात कही। उन्होंने गैंगस्टरों को चेतावनी दी कि वह न तो डरने वाले हैं और न ही पीछे हटने वाले हैं। मजीठिया ने कहा कि वह इंसाफ की लड़ाई लड़ रहे हैं और इसे जीतकर ही रहेंगे।