पांच सिंह साहिबानों ने कहा कि पर्यटक स्थलों बीच मैरिज पैलेस और वेडिंग डेस्टिनेशन पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया जाना किसी भी तरह मर्यादा के अनुरूप नहीं है। इस पर पूर्ण रूप में पाबंदी लगाई जाती है।
पंजाब के अमृतसर में रविवार को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पांच सिंह साहिबानों की महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों से जुड़े गंभीर मामले सहित कई महत्वपूर्ण पंथक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
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पांच सिंह साहिबानों ने गायब हुए 328 श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों के मामले में दर्ज किए गए पुलिस केस को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्य प्रणाली में सरकार का हस्तक्षेप बताया है। उन्होंने कहा कि शिरोमणि कमेटी ने दोबारा करवाई गई जांच के अनुसार दोषियों को सजा दे दी है। अब सरकार जानबूझकर मामले में हस्तक्षेप कर रही है, जिसको मुख्य सचिव एसजीपीसी को अपने स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए और इसके लिए पर्याप्त कार्य योजना तैयार करनी चाहिए। क्योंकि अकाल तख्त द्वारा करवाई गई जांच में स्पष्ट है के पुलिस और थाने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के मामले की जांच नहीं कर सकते हैं। पुलिस से सही जांच करने की कोई भी आशा नहीं है। क्योंकि आज तक शिरोमणि कमेटी और सिख संस्थाओं ने अलग-अलग मामलों में कई शिकायत पुलिस को दी, लेकिन उन पर भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उल्टा मामले रफा दफा कर दिए जाते रहे हैं। पांच सिंह साहिबानों ने कहा कि पुलिस द्वारा दोबारा मामले की जांच करना किसी भी तरह सही नहीं है।
अन्य प्रस्ताव पारित कर पांच सिंह साहिबानों ने कहा कि पर्यटक स्थलों बीच मैरिज पैलेस और वेडिंग डेस्टिनेशन पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया जाना किसी भी तरह मर्यादा के अनुरूप नहीं है। इस पर पूर्ण रूप में पाबंदी लगाई जाती है। एक अन्य फैसला लेकर किसी भी तरह गुरु साहिब और उनके परिवारों को फिल्माना और उनके किरदार बनकर नाटक आदि मानचित्र करना किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा। इस पर भी पूर्ण पाबंदी रहेगी।