रुरल हेल्थ फार्मेसिस्ट यूनाईटेड फ्रंट पंजाब के आह्वान पर शुक्रवार को जिला परिषद अधीन ग्रामीण हेल्थ डिस्पेंसरियों के फार्मेसिस्टों व दर्जा चार मुलाजिमों ने धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
कर्मचारी पक्का करने की मांग कर रहे थे। बाद में शिष्टमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम मुख्य कार्यकारी अफसर को मांग पत्र सौंपा।
वक्ताओं कहा कि वह जून 2006 में 1186 ग्रामीण हेल्थ डिस्पैंसरियां संबंधी बनी पालिसी के तहत नाममात्र वेतन पर नियुक्त किए गए थे। अकाली भाजपा गठबंधन पर सौतेले व्यवहार का दोष लगाते कहा कि एक ही पालिसी के तहत उनके साथ काम करते डाक्टरों को सरकार ने मई 2011 में पक्का कर दिया था।
फार्मेसिस्ट और दर्जा चार मुलाजिमों की सेवाएं रेगूलर नहीं किया गया। फार्मेसिस्टों को सात हजार रुपये और दर्जा चार को 3 हजार रुपये प्रति वेतन तय करके बतौर मेडिकल सर्विस प्रोवाइडर छह महीने के लिए उनका ठेका जिला परिषदों के साथ कर दिया गया था।
ग्रामीण विकास व पंचायत विभाग में उनकी पोस्टों की रचना करके उनको सेहत विभाग के फार्मासिस्ट और दर्जाचार मुलाजिमों के बराबर की योग्यता व बराबर पे स्केल देकर रेगूलर करने का भरोसा दिलाया गया था।
इस मौके पर बलजीत सिंह, परमिंदर सिंह, बिक्रमजीत सिंह, कुलदीप सिंह, गोपाल दास, कंवलजीत सिंह, हरविंदर सिंह खालसा, गुरजीत सिंह, गुरमीत सिंह जसबीर कौर, रचना देवी, बलविंदर कौर मौजूद थीं।