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एसजीपीसी का आरोप : औरंगजेब के पदचिह्नों पर वर्तमान हुकूमत, देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहती है

Fri, 02 Apr 2021 10:27 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
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एसजीपीसी की बैठक। - फोटो : फाइल फोटो।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने भाजपा नेता आरपी सिंह सिंह के बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने एसजीपीसी पर आरोप लगाया था कि वह सिखों के धर्म परिवर्तन को रोकने में नाकाम रही है। एसजीपीसी का आरोप है कि वर्तमान शासक देश को हिंदू राष्ट्र बनाना चाहते हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) सिख धर्म के इतिहास व सिद्धांतों से छेड़छाड़ की साजिश रच रहा है।

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एसजीपीसी के अतिरिक्त सचिव सुखदेव सिंह भुराकोना ने कहा कि आरपी सिंह का बयान नासमझी का प्रतीक है। एक सिख होने के नाते आरपी सिंह को इस बात का ज्ञान होना चाहिए कि सिख धर्म सर्व सांझ का प्रतीक है। सिख धर्म मानवता को एक ईश्वर की संतान समझता है। आरपी सिंह ने अब तक सिख इतिहास नहीं पढ़ा है। उन्हें सिख इतिहास को पढ़ना चाहिए। जब औरंगजेब भारत को दार-उल-इस्लाम (इस्लाम की धरती) बना रहा था। हिंदू धर्म खतरे में था। 

कश्मीरी पंडितों की पुकार सुनकर तिलक, जनेऊ, राखी व धर्म की आजादी के लिए श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने दिल्ली में शहादत दी थी। भाजपा व आरएसएस के शासन में अल्पसंख्यक अपने आप को खतरे में महसूस कर रहे हैं। देश की आजादी के बाद वर्तमान हुकूमत औरंगजेब के पदचिह्नों पर चल रही है। 

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अंतर केवल इतना है कि औरंगजेब भारत को इस्लामिक देश बनाना चाहता था, आज के सत्ताधारी हिंदू राष्ट्र बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। आज के शासक दूसरे लोगों के धर्म, संस्कृति व भाषा को सहन नहीं कर पा रहे हैं। 

गिरफ्तार सिखों को रिहा करे महाराष्ट्र सरकार : बीबी जागीर कौर 
श्री नांदेड़ साहिब में होला-मोहल्ला मना रही संगत की पुलिस के साथ हुई झड़प के बाद गिरफ्तार सिख श्रद्धालुओं की रिहाई के लिए एसजीपीसी का एक पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जल्द महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से मिलेगा। एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने बताया कि होला-मोहल्ला सिख कौम का महत्वपूर्ण पर्व है। इस पर्व को सिख संगत हर वर्ष उत्साह व उमंग के साथ मनाती है। 

इस अवसर पर प्रशासन की ओर से त्योहार मनाने की स्वीकृति न देने के कारण सिख संगत में रोष है। इसी कारण यह घटना हुई। घटना के बाद प्रशासन ने 300 से अधिक सिखों पर मामला दर्जकर कई नौजवानों को गिरफ्तार किया है। उन पर अत्याचार किए गए। सिख बच्चों को भी नहीं बख्शा गया है। यह कार्रवाई निंदनीय है। बीबी जागीर कौर के अनुसार देश में अल्पसंख्यकों के त्योहारों पर सरकारों के भेदभाव गलत हैं। महाराष्ट्र सरकार गिरफ्तार सिखों को तुरंत रिहा करे। 
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