दसवीं का सर्टिफिकेट नहीं दे रहा था स्कूल
अमजोत कौर ने डीडीआईएस स्कूल फतेहगढ़ चूडियां रोड से ग्यारहवीं कक्षा पास की थी और स्कूल प्रबंधन की ओर से उसे दसवीं का सर्टीफिकेट मुहैया नहीं करवाया जा रहा था।
चरित्र पर उठाए जाते थे सवाल
वहीं अब मामले में एक नया खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि छात्रा के चरित्र पर लगातार सवाल उठाए जाते थे। इतना ही नहीं स्कूल में प्रिंसिपल और क्लास अध्यापिका की ओर से लगातार अपने निजी और घरेलू काम करवाए जाते थे।
परिवार का आरोप है कि जब छात्रा ऐसे काम करने से इन्कार करती थी तो उसे परीक्षा में फेल करने और नंबरों को प्रभावित करने की धमकियां दी जाती थीं। इससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी। इसी कारण परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। अमजोत कौर अपनी मासी सरबजीत कौर के पास रहती थी।