सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 400 प्रकाश पर्व शताब्दी समारोह को लेकर अकाल तख्त साहिब से गुरु का महल तक नगर कीर्तन निकाला गया। इसकी अगुवाई दरबार साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने की। इस नगर कीर्तन में विशेष रूप से अकाल तख्त के जत्थेदार अर्पित सिंह तख्त श्री केशगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघुवीर सिंह एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर महासचिव एडवोकेट भगवंत सिंह शामिल हुए।
अकाल तख्त में हुई अरदास के बाद नगर कीर्तन के लिए गुरु ग्रंथ साहिब को दरबार साहब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने सुनहरी पालकी में सुशोभित किया। वे चंवर साहिब से सेवा निभाते हुए श्रद्धालुओं के साथ वाहेगुरु का जाप करते हुए पालकी को उठाकर गुरु का महल की तरफ चल रहे थे। नगर कीर्तन के आगे-आगे चल रहे गतका साहब बैंड पार्टियों को देखकर श्रद्धालु नगर कीर्तन के आगे नतमस्तक हो रहे थे कोरोना महामारी के चलते श्रद्धालुओं की संख्या कम थी, फिर भी श्रद्धालु जगह-जगह पर नगर कीर्तन का स्वागत कर रहे थे।
बीबी जागीर कौर ने किया कीर्तन
श्री गुरु तेग बहादुर जी के चार सौ साला प्रकाश पर्व के मौके पर गुरुद्वारा मंजी साहिब के दीवान हाल में चल रहे कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को मंजी हाल में गुरुबाणी कीर्तन का कार्यक्रम चला। इसमें विशेष रूप से एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर पहुंचीं और उन्होंने खुद गुरुबाणी का कीर्तन किया। गुरु तेग बहादुर जी के इतिहास के बारे में आए श्रद्धालुओं को जानकारी दी।