कत्ल केस में हिमाचल प्रदेश के सोलन से गिरफ्तार कर लाए गए एक गैंगस्टर ने मौका पाकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोलियां चला दी। जिसके जवाब में पुलिस की ओर से भी फायरिंग की गई। इस दौरान पुलिस की गोली लगने से गैंगस्टर जख्मी हो गया और अस्पताल ले जाने पर उसकी मौत हो गई। मृतक आरोपी का नाम बिशंबरजीत सिंह है और बटाला जिले का रहने वाला था। हालांकि, इस फायरिंग के दौरान एक पुलिस कर्मी भी जख्मी हुआ है। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
डीआईजी बार्डर रेंज सतिंदर सिंह ने बताया कि नौ मार्च की शाम को मेहता के गांव चुघे के पास दो बाइक पर सवार छह गैंगस्टरों ने जग्गू गैंग के सदस्य रविंदर सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। क्योंकि रविंदर सिंह ने जग्गू के इशारे पर राणा कंदोवालिया की हत्या में अहम भूमिका निभाई थी। इसकी भनक जब विदेश बैठे गैंगस्टर डोनी बल और मन घनशामपुरिया को लगी तो उन्होंने अपने करिंदे भेज कर रविंदर सिंह की हत्या करवा दी।
इस कत्ल के बाद पुलिस टीमें लगातार हत्यारों का पता लगाने में जुटी थी। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेहता चौक इलाके से प्रदीप सिंह और दानिश को गिरफ्तार किया था। दोनों ने गैंगस्टरों के ठहरने और खाने का इंतजाम किया था। दोनों की पूछताछ के बाद पुलिस को पता चला कि उक्त वारदात को अंजाम बटाला जिला के गांव रगड़ नंगल निवासी बिशंबरजीत सिंह, शरणजीत सिंह और विक्रमजीत सिंह ने अंजाम दिया है। लगातार आरोपियों को पकड़ने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापामारी की जा रही थी। इसी दौरान पता चला कि आरोपी हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में छिप कर बैठे हैं।
इस तहत टीम तैयार कर भेजी गई और बिशंबरजीत और शरणजीत को गिरफ्तार कर लिया। जबकि तीसरा आरोपी विक्रमजीत सिंह मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ दौरान पता चला कि कि इन लोगों ने वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल ब्यास इलाके में छुपाई है। इसी के तहत पुलिस टीम पिस्तौल रिकवर करने करने के लिए आरोपी बिशंबर को साथ लेकर गई। पुलिस टीम ने बिशंबरजीत को झाड़ियों से पिस्तौल निकालने के लिए कहा। मगर आरोपी ने मौका पाकर पिस्तौल निकाली और पुलिस पर फायरिंग कर एक पुलसिकर्मी को जख्मी कर दिया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई तो बिशंबर जख्मी हो गया। इसके बाद पुलिसकर्मी और आरोपी गैंगस्टर को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां पर गैंगस्टर को पुलिस ने मृतक घोषित कर दिया।