संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। डेमोक्रेटिक वन कर्मचारी यूनियन पंजाब के कर्मचारियों ने वन मंडल अधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया। कर्मचारियों को चार महीने से अधिक समय से वेतन नहीं मिला है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति बिगड़ गई है। यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एक मांगपत्र भी सौंपा।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रछपाल सिंह योद्धानगरी ने कहा कि वेतन न मिलने से कर्मचारियों के घरों की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। उन्होंने बताया कि महंगाई के इस दौर में उनके परिवारों के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना भी मुश्किल हो गया है। यूनियन नेताओं ने सरकार पर लंबित मांगों के समाधान में टाल-मटोल का आरोप लगाया। उन्होंने 16 मई 2023 की नीति के तहत रिकॉर्ड में मौजूद त्रुटियों को दूर करने की मांग की। कई पैनल बैठकें होने के बावजूद अभी तक किसी कर्मचारी के रिकॉर्ड की त्रुटि दूर नहीं हुई है। यूनियन ने बैठकों में लिए गए फैसलों को लागू करने और मांगों का जल्द निपटारा करने की मांग की। मंडल महासचिव बलजिंदर सिंह मिंटू ने धरने का नेतृत्व किया।
हरिंदर कुमार और गुरदीप सिंह ने कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि 10 वर्षों में 2400 दिन की सेवा के आधार पर कर्मचारियों को नियमित किया जाए। यूनियन ने वरिष्ठता सूची को वर्ष 2026 तक अंतिम रूप देने की मांग की। इसमें रविवार के दिनों को भी सेवा अवधि में शामिल करने को कहा गया। 58 वर्ष से अधिक आयु वाले कर्मचारियों को भी नियमित करने की मांग की गई। यूनियन ने चेतावनी दी कि मांगें पूरी न होने पर संघर्ष तेज किया जाएगा।