गणतंत्र दिवस के मौके पर रविवार को कंपनी बाग में राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर भगवान वाल्मीकि क्रांति सेना के सदस्यों ने आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का विरोध किया।
सैकड़ो की संख्या में आई भीड़ ने आते ही आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की टोपियां छीन ली और उन्हें जमीन पर गिराकर कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। मामले की जानकारी मिलते ही थाना सिविल लाइन के प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे और हंगामा कर रहे लोगों को पकड़ कर भड़की हुई भीड़ को खदेड़ा।
देर रात आप वर्करों ने भी स्थानीय नॉवल्टी चौक में प्रदर्शन किया और पुलिस को आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए मजबूर किया। विवाद को थमता न देख आखिर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। क्रांति सेना के लोगों ने आप वर्करों के साथ हाथापाई के बाद शहर में आप के खिलाफ मार्च भी निकाला।
आम आदमी पार्टी के स्थानीय कोऑर्डिनेटर अशोक तलवाड़ ने कहा कि वर्कर रविवार सुबह साढ़े दस बजे कंपनी बाग स्थित गांधी बुत के पास झंडा फहराने गए थे। उसी दौरान कुछ लोग आप की टोपी पहने हुए आए और कहा कि झंडा अभी न फहराओ, हमारे कुछ और लोग आ जाते हैं, तब फहराना।
वे कुछ वक्त के लिए रुके, मगर इस दौरान लगा कि यह लोग झगड़ा कर सकते हैं और आननफानन में उन्होंने ध्वज फहरा दिया। इसके बाद यह लोग हुजूम की शक्ल में मोदी और भाजपा के नारे लगाते हुए आ गए। इन लोगों ने झंडे को अपमानित किया और टोपी फाड़ी तथा एक महिला साथी के साथ अभद्रता की। इन लोगों ने पोस्टर भी बांटे। इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस को कर दी है। उनका कहना है कि यह लोग भाजपा के हो सकते हैं। क्योंकि उनको लग रहा है कि आप पार्टी कांग्रेस को लाभ पहुंचा रही है।
दूसरी ओर भगवान वाल्मीकि क्रांति सेना के मुखी सरवन गिल का कहना है कि हम विरोध करने गए थे मगर हमने न तो झंडे का अपमान किया और न टोपी का और न ही महिला का। हमारा विरोध कुमार विश्वास की तरफ से भगवान वाल्मीकि पर की गई टिप्पणी और प्रशांत भूषण की तरफ से कश्मीर मुद्दे पर की गई टिप्पणी के खिलाफ था। उनका कहना है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, उसे कोई अलग नहीं कर सकता। उनका कहना है कि केजरीवाल लोगों को गुमराह कर रहे हैं। यह लोग मार्च निकाल कर हॉल गेट तक गए।
आम आदमी पार्टी के नेताओं रविंदर सुल्तानविंड और महेंद्रपाल गुप्ता ने कहा कि उन्हें आशंका है कि आप के वर्करों का विरोध करने वालों में सत्ताधारियों का भी किसी न किसी रूप में हाथ है। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव अमरजीत सिंह आसल ने कहा कि एक राजनीतिक पार्टी के कार्यक्रम को रोकने के लिए गुंडागर्दी किया जाना किसी भी तरह लोकतंत्र के हक में नहीं है। आप वर्करों पर किये गए हमले का सीपीआई पूरी तरह विरोध करती है। उधर छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स फेडरेशन (एनएसएफ) के राज्य उपाध्यक्ष सतविंदर सिंह ने भी आप वर्करों पर किए हमले की सख्त शब्दों में निंदा की है।