तरनतारन। नगर पंचायत भिखीविंड में नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान मंगलवार को शिअद, भाजपा, आप व कांग्रेस के समर्थक आपस में भिड़ गए थे। लाठियों, तलवारों, बेसबाल का प्रयोग करने के अलावा फायरिंग भी हुई। मामले में मंगलवार की देर रात को थाना भिखीविंड के प्रभारी इंस्पेक्टर सरबजीत सिंह के बयान पर अकाली दल से संबंधित 15 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमे में 200 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। उधर, शिअद ने आरोप लगाया कि गोलियां चलाने वाले कांग्रेसियों के खिलाफ सियासी दबाव के चलते मुकदमा दर्ज नहीं किया जा रहा।
नगर पंचायत भिखीविंड के कार्यालय के बाहर मंगलवार की दोपहर को चारों पार्टियों के कार्यकर्ताओं के बीच पुलिस की मौजूदगी में झड़प हुई थी। इसमें लाठियां, बेसबाल व तलवारों का प्रयोग करते एक दर्जन गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए थे। करीब 55 राउंड गोलियां भी चलाई गई। शिअद व कांग्रेस ने दावा किया था कि गोलियां लगने से उनके दो-दो समर्थक घायल हुए है। जिले के किसी भी सरकारी अस्पताल में ऐसा कोई भी घायल व्यक्ति इलाज के लिए नहीं पहुंचा।
मुकदमे में नगर पंचायत भिखीविंड के पूर्व अध्यक्ष शिअद नेता अमरजीत सिंह ढिल्लो, पूर्व पार्षद रिंकू धवन व पूर्व सीपीएस विरसा सिंह वल्टोहा के पीए हरजीत सिंह बलेर का नाम भी शामिल है। वहीं शिअद के छह प्रत्याशियों को भी एफआईआर में नामजद किया गया है। एफआईआर में 200 अज्ञात लोगों को नामजद करके उनकी पहचान करने के लिए डीएसपी राजबीर सिंह की अगुवाई में टीम का गठन किया गया है। दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि 200 लोगों का हजूम कांग्रेस पार्टी, आम आदमी पार्टी के खिलाफ नारेबाजी करता हुआ अकाली दल जिंदाबाद कह रहा था। एसएसपी ध्रुमन एच निंबले ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। अज्ञात आरोपियों की पहचान कराने के लिए टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है।
शिअद कार्यकर्ताओं पर झूठा मामला दर्ज किया गया : वल्टोहा
उधर शिअद प्रवक्ता विरसा सिंह वल्टोहा का कहना है कि चुनाव में अपनी हार को देखते हुए कांग्रेस पार्टी ने साजिश रचकर गुंडागर्दी की है। शिअद कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठा मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने अर्द्धसैनिक बलों की निगरानी में मतदान कराने की मांग उठाई है।