संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी काल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। इस सेंटर में काम कर रहे लोग देश भर में लोगों को ठग रहे थे। इस मामले में आरोपी राघव भारद्वाज को गिरफ्तार किया गया है। दूसरा आरोपी फरार है।
इस काॅल सेंटर में 80 से ज्यादा महिला कर्मचारी काम करती थीं। काॅल सेंटर सी-ब्लॉक, रंजीत एवेन्यू, अमृतसर में स्थित है। महिलाओं को ओएलएक्स प्लेटफार्म पर डुप्लीकेट आईफोन और सैमसंग एस 24 मोबाइल पोस्ट करके ग्राहकों को लुभाने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया था। अपराधी धोखाधड़ी करने के लिए ऑनलाइन प्लेटफार्म का इस्तेमाल करते थे। खरीदारों को ठगने के लिए नकली उपकरणों की आकर्षक तस्वीरें साझा करते थे।
पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इस रैकेट की कार्यप्रणाली चौंकाने वाली है। प्रदर्शन पर रखे गए प्रत्येक हैंडसेट (मोबाइल फोन) की कीमत लाखों में थी। गिरोह रोजाना 30-40 नकली मोबाइल बेचता था जिससे प्रतिदिन लगभग छह लाख रुपये का अवैध कारोबार होता था। खरीदारों को यह विश्वास दिलाया जाता था कि वे असली लग्जरी गैजेट खरीद रहे हैं लेकिन उन्हें नकली फोन मिलते थे। रेड के दौरान पुलिस ने विभिन्न कंपनियों के 47 मोबाइल फोन, 29 सक्रिय सिम के साथ 8 अतिरिक्त सिम कार्ड व धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए गए 6 लैपटॉप बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी राघव भारद्वाज निवासी पवन नगर, बटाला रोड, अमृतसर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके मुख्य साथी अंकित गंगोत्रा, निवासी विजय नगर, अमृतसर की तलाश जारी है।