जिला पुलिस ने भोले भाले लोगों और पूर्व फौजियों को नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह विभिन्न स्थानों पर कमरे लेकर खुद डायरेक्टर बन, इंटरव्यू कर, जाली अप्वाइंटमेंट लेटर देते थे। थाना सिटी पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गुरमीत सिंह निवासी देलावाल जिला तरनतारन और संदीप सिंह निवासी चक्क करेखा जिला तरनतारन के रूप में हुई है। गुरमीत सिंह फौज से रिटायर है।
एसएसपी गुरदासपुर राजिंदर सिंह सोहल ने बताया कि पीड़ित जगतार सिंह पुत्र बूटा सिंह निवासी कोटली बाबला थाना फतेहगढ़ चूड़ियां ने पुलिस को शिकायत दी थी। उसने बताया कि वह रिटायर सैनिक है। आरोपी गुरमीत सिंह ने उसे स्टेट बैंक आफ इंडिया में गार्ड की नौकरी दिलाने के नाम पर 1 लाख 30 हजार रुपये लिए थे। उनके साथ सुखचैन सिंह पुत्र कुलंवत सिंह निवासी कोटला बाबला भी थे। उन्होंने भी गुरमीत के झांसे में आकर उसे 1.30 लाख रुपये नकद स्टेट बैंक में नौकरी लगवाने के लिए दिए। इसी तरह गुरमीत सिंह ने सुरेंद्र सिंह पुत्र तरलोक सिंह निवासी नमोली थाना तलवाड़ा से नगर निगम में चपरासी की नौकरी लगवाने के एवज में पैसे लिए। उसने कई और लोगों को भी झांसे में लेकर ठगी की।
एसएसपी ने बताया कि गुरमीत सिंह का कहना है कि संदीप सिंह निवासी चक्करेखा भी इस ठगी के काम में उसका हिस्सेदार है। पुलिस ने संदीप सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को अदालत में पेश किया जा रहा है। आरोपियों से सिक्योरिटी गार्ड की 12 वर्दीयां, 7 जाली शिनाख्त कार्ड भी बरामद हुए हैं।