बाबू जी! आपकी कोरोना टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव है। सिविल अस्पताल के एक कर्मचारी ने टेस्ट करवाने आए एक बुजुर्ग को रिपोर्ट की जानकारी दी, यह सुनते ही बुजुर्ग नीचे गिर पड़ा। लोगों उन्हें संभाला और पानी पिलाकर इमरजेंसी वार्ड तक लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत बता दिया। बुजुर्ग का शव सिविल अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवाया गया है। अब बुजुर्ग के परिजनों के भी कोविड टेस्ट किए जाएंगे।
तरनतारन रोड निवासी इस बुजुर्ग को हल्का बुखार था। कोरोना की संभावना के मद्देनजर उन्होंने सिविल अस्पताल स्थित कोविड सैंपल कलेक्शन सेंटर में टेस्ट करवाया। रैपिड कार्ड टेस्ट की रिपोर्ट महज बीस मिनट में आ गई। जिसमें वह संक्रमित पाए गए। सेंटर के स्टाफ ने उन्हें रिपोर्ट दी और होम आइसोलेशन का फॉर्म भरवाने को बुलाया। पॉजिटिव रिपोर्ट की बात सुनते ही बुजुर्ग घबरा गए। हाथ पैर कांपने लगे और जमीन पर गिर गए। आसपास के लोगों ने उन्हें पानी पिलाया और इमरजेंसी वॉर्ड ले गए लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।
अमृतसर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट मिलते ही लो घबरा गए। अस्पताल में उपचार के दौरान बार-बार डॉक्टरों से पूछते हैं कि क्या वे बच जाएंगे। जागरूकता के अभाव में लोग घबरा जाते हैं। इस दौरान हृदय घात से मौत हो जाती है। इस बुजुर्ग के संदर्भ में सिविल अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि डर की वजह से उन्हें हृदय घात ही हुआ है। अमृतसर में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मौत में हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या 10 फीसदी है।