कोरोना वायरस के कारण भारत-पाकिस्तान सरकार द्वारा अटारी-वाघा सड़क सीमा पर स्थित इंटरनेशनल गेट बंद कर दिए जाने के बाद धार्मिक यात्रा पर भारत आए आठ पाकिस्तानी हिंदू शनिवार को वतन नहीं लौट सके। पुलिस ने इन सभी को अटारी सड़क सीमा से दो किलोमीटर की दूरी पर लगाए नाके पर रोक दिया। इन लोगों के डेढ़ वर्ष का छोटा बच्चा भी था।
पाकिस्तान से आए लोगों ने कहा कि 13 फरवरी को हरिद्वार जाने के लिए आए थे। कुछ दिन हरिद्वार में बिताने के बाद वह राजस्थान में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार के यहां चले गए थे। 22 मार्च को अमृतसर पहुंचे और एक गुरुद्वारे में शरण ली। वीजा की अवधि समाप्त होने वाली है, इसलिए वह शनिवार को पैदल ही अमृतसर से चलकर अटारी पहुंचे। रास्ते में किसी ने भी उनको नहीं रोका। अटारी सीमा के नजदीक उनको पुलिस ने रोक लिया। उन्होंने मांग की कि या तो सरकार उन्हें पाकिस्तान जाने दे या अमृतसर में रहने की व्यवस्था करे। वह सुबह से से भूखे थे और बच्चे के लिए दूध भी नहीं है। जिला प्रशासन पाकिस्तान जाने वाले लोगों को रेडक्रॉस भवन में शरण दे रहा है। पाकिस्तान जाने वाली एक महिला खदीजा भी रेडक्रॉस भवन में है। एसएचओ अटारी किरपाल सिंह ने बताया कि पूरा मामला अधिकारियों के संज्ञान में ला दिया गया है। अधिकारी जो भी आदेश देंगे, उस पर अमल किया जाएगा।