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विधायकों की सरपरस्ती में हो रही नशा तस्करी : वल्टोहा

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अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक विरसा सिंह वल्टोहा ने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले गुटखा साहिब को हाथों में लेकर चार सप्ताह में पंजाब से नशा खत्म करने की शपथ ली थी, लेकिन चार साल बीतने के बाद भी उन्होंने नशा तस्करों के खिलाफ काम शुरू नहीं किया है। कैप्टन ने ऐसा करके पंजाब की जनता से ही नहीं, गुरु साहिब के साथ भी धोखा किया है। वल्टोहा ने यह बात एक प्रेस कांफ्रेंस में कही। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के जिला प्रधान वीर सिंह लोपोके भी मौजूद थे।
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वल्टोहा ने कहा कि मुंबई में हेरोइन के साथ गिरफ्तार किए गए प्रभजीत के कांग्रेसी विधायक रमनजीत सिंह सिक्की के साथ संबंध हैं। पिछले दिनों राना नामक सरपंच के नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जाने के बाद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ओएसडी अंकित बांसल का नाम सामने आया। उन्होंने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव से पहले चार सप्ताह में से नशा खत्म करने के झूठे वादे को लेकर कैप्टन को पंजाब के लोगों और गुरु साहिब से माफी मांगनी चाहिए। गुरु साहिब की झूठी शपथ खाने से बड़ी और कौन सी बेअदबी हो सकती है।
उन्होंने कहा कि बेअदबी कांड से एक दिन पहले 13 अक्टूूबर 2015 को लगाए गए धरने के वक्त बाबा रंजीत सिंह ढंडरियांवाला वहां मौजूद थे और जिस दिन श्री गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना हुई, तब भी ढंडरियांवाले वहीं थे। इस पर पुलिस ने 14 अक्टूूबर को ढंडरियांवाले व कुछ अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके बाद पुलिस ने साल 2018 में एक और केस दर्ज किया, लेकिन पंजाब सरकार द्वारा बनाई एसआईटी ने 2015 केस में जांच ही नहीं की। पिछले दिनों हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने अपने फैसले में भी यह बात कही थी।
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किसान संघर्ष मे लगे नेताओं द्वारा विधानसभा चुनाव लड़ने संबंधी पूछे जाने पर वल्टोहा ने बताया कि किसानी संघर्ष पहले राजनीति से ऊपर था और इसे राजनीति से दूर रखा गया था। अब अगर कोई अरबों-खरबों रुपये लगाकर किसानी संघर्ष की मांगों को दरकिनार कर पंजाब की राजनीति में आना चाहता है तो उसका स्वागत है। क्योंकि लोकतंत्र है और हर व्यक्ति को चुनाव लड़ने का अधिकार है।
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