राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के उपाध्यक्ष एवं कांग्रेस विधायक डॉक्टर राजकुमार वेरका ने प्रदेश सरकार व बादल परिवार पर अमृतसर के 30 हजार से अधिक परिवारों को उजाड़ने का आरोप लगाया है।
वेरका के मुताबिक बादल सरकार ने अमृतसर का उद्धार कम और उजाड़ा अधिक किया है। डॉक्टर वेरका ने वित्त मंत्री अरुण जेटली पर भी हमला बोला और उन्हें व्यापारी वर्ग का दुश्मन भी बताया।
डॉ. वेरका ने बादल सरकार के खिलाफ जारी बयान में बताया कि उन्हें अमृतसर शहर के कई दुकानदारों, व्यापारियों और कारखानेदारों ने अपनी मुश्किलों से अवगत कराया और शिकायत की है। डॉक्टर वेरका ने कहा कि श्री हरमिंदर साहिब के आसपास सुंदरीकरण करना तारीफ की बात है लेकिन उसके आसपास पिछले पचास सालों से अधिक समय से दुकान चलाकर अपनी रोजी रोटी चलाने वाले लगभग 10 हजार परिवारों को उजाड़ के रख दिया गया है। उन्होंने कहा कि गुरु नगरी में वाहेगुरु के सहारे अपना घर चलाने वाले परिवारों की दुकानें खाली तो करा ली गयी लेकिन उनके भविष्य का कोई भी इंतजाम नहीं किया गया।
इसी तरह बीआरटीएस प्रोजेक्ट लाकर 20 हजार से अधिक दुकानदारों का धंधा चौपट कर दिया। इस प्रोजेक्ट की अमृतसर में जरूरत ही नहीं थी। ये प्रोजेक्ट दूसरे राज्यों में नाकाम हो चुका है। इसके बावजूद इस प्रोजेक्ट को लाना समझ से बाहर है। डॉक्टर वेरका ने कहा कि वित्त मंत्री अरुण जेटली अमृतसर व पंजाब के व्यापारियों और कारखानेदारों का पलायन करने पर तुले हैं। इन पर इनकम टैक्स के छापे मारे जा रहे हैं।
डॉक्टर वेरका ने कहा कि कांग्रेस पार्टी विधान सभा चुनाव में जीत दर्ज करने के बाद पंजाब में अपनी सरकार बनाते ही सबसे पहले बीआरटीएस प्रोजेक्ट के तहत सभी सड़कों पर बने लोहे के ग्रिल को हटाने के निर्देश जारी करेंगे ताकि हजारों परिवारों का काम धंधा आसानी से चल सके और श्री हरमिंदर साहिब के आसपास, जिनकी दुकानें हटाई गयी हैं, उनके लिए भी कांग्रेस पार्टी विशेष पैकेज घोषित करेगी।