संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। सिख संगठनों ने कृषि आंदोलन के समर्थन और आंदोलन के दौरान गिरफ्तार किए गए किसानों पर दर्ज मामले रद्द करवाने के लिए सोमवार को भंडारी पुल पर रोष प्रदर्शन किया। हाथों में बैनर लेकर प्रदर्शनकारियों ने भंडारी पुल पर पहले अरदास की। बाद में दो घंटों तक धरना दिया।
प्रदर्शन में सिख यूथ पावर आफ पंजाब, दमदमी टकसाल के कार्यकर्ता, सिख यूथ फेडरेशन आफ पंजाब, जत्था सिर लत्थ खालसा आदि के कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों परमजीत सिंह अकाली, परमजीत सिंह खालसा, राजवीर सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों पर थोपे गए कृषि कानूनों को रद्द करने के प्रति गंभीरता नही दिखा रही है। किसान कानूनों को अगर नहीं चाहते हैं तो सरकार को भी कानून लागू नहीं करने चाहिए।
नेताओं ने कहा कि जिन किसानों और युवाओं पर दर्ज मामले रद्द किए जाएं और जेलों में बंद सभी युवाओं को रिहा किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से सिखों का जत्था पाकिस्तान ननकाना साहिब न भेजकर सिखों की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया है। सिखों को इस मामले पर भी एकजुट होकर आवाज उठानी चाहिए।