रंजीत एवेन्यू ई ब्लाक क्षेत्र में ठंड से बचाव के लिए बंद कमरे में जलाई गई अंगीठी के धुएं प्रवासी परिवार की महिला और उसके बेटे की मौत हो गई। दूसरे को गंभीर हालत में गुरु नानक देव अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
मृतका की पहचान इंदु (40), उसके बेटा रोहित (15) मूल निवासी गांव तेनूही थाना पकड़ी जिला बलिया उत्तर प्रदेश के तौर पर हुई है। मृतका का दूसरा बेटा अरुण (17) अचेत है। रंजीत एवेन्यू चौकी प्रभारी ने घटना की जानकारी से इंकार किया है।
बलिया का मूल निवासी जतिंद्र कुमार रंजीत एवेन्यू ई ब्लाक में परिवार के साथ रहते हैं। जतिंद्र दो दिन पहले बाहर गए थे। घर में जतिंद्र की पत्नी इंदु, उसके बेटे अरुण और रोहित थे। मंगलवार की रात ठंड अधिक होने पर तीनों कमरे में अंगीठी जलाकर सो गए। बुधवार की सुबह जतिंद्र का चचेरा भाई रामप्रवेश उनके कमरे में आया। कमरे में धुआं भरा था।
रामप्रवेश ने बताया उसे भाभी इंदु, भतीजे अरुण रोहित बेहोशी की हालत में मिले। इस पर वह आसपास के लोगों की मदद से तीनों को 108 एंबुलेंस से गुरु नानक देव अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों ने इंदू और रोहित को मृत घोषित कर दिया। अरुण की हालत डॉक्टरों ने गंभीर बताई है है।
रामप्रवेश ने बताया घटना की जानकारी उन्होंने चचेरे भाई जतिंद्र कुमार को दे दी है। उनके पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। चौकी प्रभारी निशान सिंह का कहना है उन्हें घटना की जानकारी नहीं है और न ही किसी ने घटना के संबंध में सूचना दी है।
बंद कमरा में अंगीठी न जलाएं: डॉ. बजाज
अमृतसर। गुरु नानक देव अस्पताल के डॉक्टर बंटी बजाज ने लोगों को कमरा बंद कर अंगीठी या कोयला न जलाने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कोयले के धुए में कार्बन मोनो आक्साइड होती है। दरवाजे और खिड़कियां बंद होने से कमरे में धुआं भर जाता है। कार्बन मोनो आक्साइड गैस के चलते व्यक्ति की दम घुटने से मौत हो जाती है। उन्होंने कहा कि कमरे अंगीठी जलाएं तो दरवाजा या खिड़की खुली रखे, ताकी धुआं बाहर निकलता रहे।