सराफा व स्वर्णकार एसोसिएशन कपूरथला के प्रधान का बुधवार सुबह आकस्मिक निधन हो गया। उनके नेतृत्व में एसोसिएशन 22 दिन से दुकानें बंद कर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थी। प्रधान के आकस्मिक निधन के बाद एसोसिएशन के सदस्यों में जहां शोक की लहर है वहीं केंद्र सरकार के प्रति रोष और बढ़ गया है। एसोसिएशन के पंजाब उपाध्यक्ष ने प्रधान की मौत के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
सराफा व स्वर्णकार एसोसिएशन कपूरथला के प्रधान कमल नारायण की बुधवार सुबह पांच बजे दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। इसकी सूचना जैसे ही हड़ताल पर बैठे सदस्यों तक पहुंची वहां मातम छा गया। सराफा व स्वर्णकार एसोसिएशन के पंजाब उपाध्यक्ष बलबीर सिंह ने प्रधान कमल नारायण की मौत के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने बताया कि कमल नारायण को हड़ताल की वजह से सबसे ज्यादा चिंता बंगाली कारीगरों और शहर के 125 करीब स्वर्णकारों के कारोबार की थी। हड़ताल के बावजूद सरकार की ओर से कोई निर्णय न लेने के चलते उनके मन पर भारी बोझ था। उन्होंने बताया कि पंजाब प्रधान को सूचित कर दिया गया है। एसोसिएशन की अगली रणनीति प्रधान कमल नारायण के शुक्रवार को अंतिम संस्कार के बाद बनाई जाएगी।
पूर्व प्रधान चरणजीत चौहान ने कहा कि कई स्वर्णकार भी मानसिक तनाव में है। उनकी हालत ऐसी हो गई कि रात को सोते हुए भी सरकार के खिलाफ नारे ही निकल रहे हैं। उन्होंने अफसोस जताया कि बुधवार को प्रधान की मौत के बाद ही प्रशासनिक व राजनीतिक लोगों का ध्यान उनकी हड़ताल की तरफ आया है।
इससे पहले किसी ने उनकी कोई सुध नहीं ली। महासचिव कमलजीत सिंह व पीआरओ अमन सब्बरवाल ने कहा कि एक प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी लगाने का काला कानून स्वर्णकारों की मौत का कारण बनने लगा है इसलिए यह कानून वापस लिया जाए।
इससे पहले उन्होंने दिवंगत प्रधान को श्रद्धांजलि अर्पित की। उनका अंतिम संस्कार 25 मार्च को स्थानीय लक्ष्मी नगर श्मशान घाट में किया जाएगा। निजी डॉक्टर सुशील सल्होत्रा ने बताया कि प्रधान कमल नारायण की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है। मौके पर प्रमोद भोला, जुगनू सर्राफ, सुखदेव राज बब्बर, रमन कुमार, नवीन कंडा, आशू, संदीप सर्राफ, अविनाश जैन, विक्रम मेहता मौजूद थे।