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प्यार का झांसा देकर एनआरआई को मारने की आरोपी काबू

Wed, 09 Mar 2016 03:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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हत्या - फोटो : file photo
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इंटरनेट पर प्यार के झांसे में फांस कर लुधियाना के एनआरआई को एक महिला ने अपनी सहेली के साथ मिल कर मार डाला। इसके बाद जालंधर के गांव खांबड़ा में लाश को दबा दिया और उस जमीन पर पाम का पेड़ लगा दिया। फगवाड़ा सीआईए स्टाफ ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। महिला के पास से एनआरआई से छीने पांच लाख रुपये, साढे़ तीन सौ ग्राम हेरोइन और एनआरआई की कार बरामद कर ली गई है। एनआरआई के कत्ल का मामला लुधियाना में दर्ज है, जिसके चलते लुधियाना पुलिस को सूचना दे दी गई है।
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फगवाड़ा के एसपी अश्वनी कुमार ने बताया कि सीआईए स्टाफ प्रभारी इंद्रजीत सिंह, एएसआई परमजीत सिंह जीटी रोड पर जमालपुर के पास नाकाबंदी कर खड़े थे। उन्होंने शक के आधार पर एक मारुति जेन कार (पीबी10बीएफ/8814) को रोका, जिसको एक महिला चला रही थी। महिला ने अपनी पहचान मालती मिन्हास निवासी करोल बाग पठानकोट रोड जालंधर के रुप में बताई। तलाशी लेने पर महिला के कब्जे से 350 ग्राम हेरोइन बरामद की गई।

एसपी अश्वनी कुमार ने बताया कि मालती ने बताया कि उसका अपने पति राम किशन पांडे वासी दिल्ली के साथ तलाक का केस चल रहा है। आगे की पूछताछ में उसने सनसनीखेज खुलासा किया। मालती ने बताया कि थाना सिटी नकोदर में दर्ज धोखाधड़ी के केस में पीओ होने के बाद वह जालंधर के कस्बा खांबड़ा के बसंत विहार क्षेत्र में किराए की कोठी में रह रही थी।
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उसने खुलासा किया कि इंटरनेट की मार्फत उसका संपर्क एक तलाकशुदा एनआरआई रमिंदर सिंह पुत्र प्रीतम सिंह वासी जीएफ पिंक फ्लैट लुधियाना से हुआ। इंटरनेट पर प्यार की बातें मुलाकातों में बदल गई। मालती ने बताया कि उसने अपनी एक सहेली परमजीत कौर वासी जालंधर की मुलाकात भी रमिंदर सिंह से करवाई। उन्हें पता चला था कि रमिंदर सिंह के पास काफी जायदाद है पर इसके आगे पीछे कोई नहीं है।

उन्होंने पैसा और जायदाद हड़पने के लिए रमिंदर सिंह को खत्म करने की योजना बनाई। 9 जनवरी 2016 को दोनों रमिंदर सिंह चीमा के साथ उसके घर में रही और उससे बैंक खातों व जायदाद की जानकारी हासिल की।

रमिंदर सिंह को 14 जनवरी को खांबड़ा स्थित कोठी में बुलाया और उसे नशीली दवाई पिला कर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसके एटीएम से पैसे निकलवाने लगी। उसी रात दोनों जेन कार में लुधियाना आई, ताकि लुधियाना जाने का सबूत टोल प्लाजा पर बन जाए। 14 से 18 जनवरी तक दोनों रमिंदर सिंह को नशीली दवाई देती रही, जिससे उसकी मौत हो गई।

19 जनवरी को दोनों रमिंदर के घर से कीमती सामान और चेक बुक उठा लाई। दोनों ने एक मजदूर से कोठी में एक गड्ढा खुदवाया और रमिंदर की लाश उसमें दबा कर उसके ऊपर पाम का पेड़ लगा दिया। एसपी ने बताया कि मालती रमिंदर को जीवित दिखाने के लिए उसके दोस्तों को मोबाइल से मैसेज भेजती रही कि वह पहाड़ों की तरफ घूमने आया है, एक-दो दिन में वापस आ जाएगा।

18 फरवरी को शक पड़ने पर रमिंदर सिंह के परिजनों ने लुधियाना में धारा 365 के तहत मामला दर्ज करवा दिया। एसपी अश्वनी कुमार ने बताया कि लुधियाना पुलिस को रमिंदर सिंह की लाश मिलने की संबंधी सूचना दे दी गई है। मालती के खिलाफ थाना सदर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। कत्ल की जांच लुधियाना पुलिस करेगी। इस मौैके पर डीएसपी कंवलप्रीत सिंह और सीआईए स्टाफ प्रभारी इंद्रजीत सिंह भी मौजूद थे।
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