सुबह मच्छर कालोनी में सर्वे के बाद स्कूल के कार्यकारी मुखी से बात करने गए तो दोनों में कहासुनी के बाद मारपीट हो गई।
ईजीएस वालंटियर ने आरोप लगाया कि स्कूल मुखी ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह घायल हो गया। वही स्कूल मुखी ने आरोप नकारते हुए ईजीएस वालंटियर के खिलाफ चौकी शेखूपुर में शिकायत दी है।
सिविल अस्पताल में भर्ती ईजीएस वालंटियर निशांत कुमार ने थाना सिटी के एएसआई गुरमीत सिंह को दिए गए बयान में बताया कि वह बुधवार की सुबह सर्वे करने मच्छर कालोनी गया था।
बच्चों ने अभिभावकों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया। इस संदर्भ में बात करने जब वह सरकारी एलिमेंटरी स्कूल शेखूपुर के कार्यकारी स्कूल मुखी रणबीर सिंह बात करने गया।
वहां स्कूल मुखी ने हमला कर उसे घायल कर दिया। निशांत ने बताया कि रणबीर सिंह को शक है कि बच्चों के नाम कटने की खबर समाचार पत्रों में उसने प्रकाशित कराई है। यहीं हमले की मुख्य वजह भी है।
उधर, स्कूल मुखी रणबीर सिंह ने बताया कि सुबह सवा नौ बजे स्कूल में प्रार्थना चल रही थी और निशांत जोर से चिल्लाते हुए स्कूल में आकर अपशब्द बोले लगा।
उन्होंने उसे चले जाने के लिए कहा तो वह हाथापाई पर उतर आया। स्कूल मुखी ने कहा कि निशांत के आरोप बेबुनियाद हैं। इस मामले की शिकायत चौकी शेखूपुर पुलिस व शिक्षा विभाग को दे दी है। घटना की सूचना पाते ही डिप्टी डीईओ जरनैल सिंह मौके पर पहुंच गए और स्थिति का जायजा लिया।
डिप्टी डीईओ ने कहा कि वह मामले की जांच कर रहे हैं। एसएचओ सिटी नरिंदर सिंह औजला ने कहा कि डिप्टी डीईओ ने उनसे कहा है कि वह यह मामला खुद निपटा लेंगे।
वैसे एएसआई गुरमीत सिंह ने घायल निशांत के बयान ले लिए हैं। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही स्कूल के 34 बच्चों का नाम काटकर आरटीई के उल्लंघन का मामला सामने आया था। इसकी अभी जांच चल रही है।