जिला पुलिस ने गन प्वाइंट पर फाइनेंसरों को निशाना बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को एक कार, दो बाइक, तीन पिस्तौल, कारतूस और लाखों की रकम के साथ गिरफ्तार करने का दावा किया है।
एसएसपी कपूरथला राजिंदर सिंह ने एसपी जांच के कार्यालय में बताया कि आठ सितंबर 2016 को पांचों आरोपी मिड लैंड माइक्रोफाइन लिमिटेड फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी सरबजीत सिंह को गोली मारकर कैश से भरा बैग छीनकर फरार हो गए थे।
13 सितंबर को डीएसपी भुलत्थ नवनीत सिंह माहल, एसएचओ भुलत्थ जरनैल सिंह, एएसआई रघबीर सिंह और अन्य कर्मचारियों ने गश्त के दौरान गांव माना तलवंडी की तरफ से आ रहे बाइक सवार युवक को रोका। पूछताछ में उसने अपना नाम दीपक कुमार निवासी गांव रामगढ़ भुलत्थ बताया। तलाशी लेने पर उससे एक पिस्तौल 12 बोर, एक कारतूस और बाइक बरामद हुई।
उसने माना कि जिस पिस्तौल से सरबजीत सिंह को गोली मारकर रकम छीनी थी, वह राजविंदर सिंह उर्फ राजा, भूपिंदरजीत सिंह उर्फ बॉबी, मनदीप सिंह उर्फ विक्की निवासी गांव रामगढ़ भुलत्थ और विक्रमजीत सिंह उर्फ विक्की निवासी भीला के पास है।
दीपक की निशानदेही पर चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे पुलिस ने छीनी हुई रकम से खरीदी लांसर कार, एक पिस्तौल 32 बोर और एक कारतूस, एक पिस्तौल 12 बोर और दो कारतूस और दो मोटरसाइकिल बरामद किए हैं।
एसएसपी ने बताया कि इन आरोपियों ने सरबजीत सिंह को लूटने के अलावा गांव मुन्ना स्थित ठेके से छह हजार रुपये नगद और आठ बोतल शराब, होशियारपुर के गांव हारटा बरड़ा के ठेके से पांच हजार रुपये और आठ बोतल शराब, गांव सदावां में ठेके के कारिंदे को गोली मारकर ठेके से छह हजार रुपये और आठ बोतल, गुरुद्वारा किल्ली साहिब नजदीक थाना करतारपुर में फाइनेंसर को गोली मारकर 1.70 लाख रुपये, महाराजा पैलेस भुलत्थ से फाइनेंसर से 1.03 लाख रुपये और गांव किशनगढ़ थाना भोगपुर में एक महिला की सोने की बालियां छीनी थीं।
इन पर भुलत्थ और जालंधर के विभिन्न थानों में पांच केस दर्ज हैं। गिरोह के मुख्य किंगपिन बॉबी और राजा चचेरे भाई हैं। गांव भीला निवासी विक्की को छोड़कर बाकी चारों ने 2013 में एक साथ बारहवीं पास की है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दीपक, विक्की और राजा की माताओं ने मिडलैंड कंपनी से 10-15 हजार रुपये की रकम ब्याज पर ली हुई है। हर हफ्ते सरबजीत सिंह रकम उगाहने आता था। इसी दौरान उन्होंने सरबजीत सिंह की रेकी करनी शुरू कर दी और आठ सितंबर की दोपहर को उसे घेर लिया।
जब सरबजीत सिंह ने इनका मुकाबला किया तो बॉबी ने उसे गोली मार दी, जिससे सरबजीत घायल हो गया और आरोपी उसका पैसे से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। छीने हुए पैसे में से एक लाख रुपये की लांसर कार इन आरोपियों ने सुभानपुर के बल कार बाजार से खरीदी और बाकी रकम आपस में बांट ली।