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शिकार करने गए युवक बने अपनी बंदूक का निशाना, एक की मौत एक गंभीर

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अपनी बंदूक का निशाना बने दो युवक, एक की मौत
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शिकार करने गए थे चार दोस्त, दो मौके से फरार
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
शहर के निकटवर्ती बुंगल क्षेत्र के जंगल में शिकार खेलने गए चार युवकों में दो को अपनी ही बंदूक से गोली लग गई। इससे एक की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर घायल है। वहीं दो अन्य युवक मौके से फरार हैं। मृतक की पहचान रजत शर्मा (22) पुत्र नरेश कुमार निवासी गांव दरंगखडड् के रूप में हुई है। घायपंकज (23) पुत्र बूरी लाल निवासी गांव दरंगखडड् को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके से फरार दो युवकों की पहचान विकास एंव राहुल निवासी गांव बुंगल के रूप में हुई है। चारों युवक आपस में दोस्त हैं। थाना मामून की पुलिस ने मौके पर पहुंच कर हथियार को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
शुरूआती जांच में सामने आया है कि बंदूक घायल युवक पंकज के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस की ओर से स्थानीय लोगों से की गई पूछताछ और शुरूआती जांच में पता चला कि चारों दोस्त बुंगल के जंगल में शिकार करने गए थे। शिकार करने के लिए पंकज अपने पिता की बंदूक भी साथ ले गया। जंगल के रास्ते में कुछ कुत्ते आपस में लड़ रहे थे। कुत्तों को भगाने के लिए रजत ने लोड बंदूक के बट्ट से कुत्ते पर प्रहार किया। इसी दौरान रजत से गलती से बंदूक का ट्रेगर दब गया और गोली रजत के सिर और फिर पंकज के कंधे पर लगी। इससे रजत की मौके पर ही मौत हो गई और पंकज को निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। थाना मामून के प्रभारी कुलदीप ने बताया कि रजत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। हथियार कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
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शिकार करने पर है प्रतिबंध
एक तरफ जहां अपनी ही बंदूक से दो युवकों गोली लगने का सवाल हर किसी के मन में असमंजस की स्थिति पैदा कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ शिकार करने की बात सामने आने पर प्रशासन में भी अफरातफरी मच गई है। दरअसल जंगल में शिकार करने पर पूर्ण रूप से पाबंदी है। लेकिन बावजूद युवक बंदूक लिये जंगल में चले गए और इसकी कानों कान खबर न तो पुलिस और न ही वन या वाइल्ड लाईफ विभाग को लगी। स्थानीय लोगों की मानें तो जिले के अर्धपहाड़ी क्षेत्रों के जंगलों में प्रतिबंध के बावजूद कुछ लोग हथियार लेकर शिकार करने जाते हैं। उन्हें कोई रोकता नहीं है।
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