कठुआ दुष्कर्म और हत्या के मामले में चल रही सुनवाई में वीरवार को 57 से 59वें गवाहों को पेश किया गया। 57वें गवाह के रूप में महिला पैथोलॉजिस्ट डॉक्टर पेश हुई, जबकि 58 व 59वें गवाह के तौर पर पुलिस चौकी टीका अंब के मुंशी और कथित आरोपी परवेश कुमार के कंप्यूटर सेंटर के मालिक को पेश किया गया।
गवाहों के बयान पर बचाव पक्ष ने जिरह की। बताया जा रहा है कि इस समय कोर्ट में पूरे मामले के सबसे अहम गवाह पेश किए जा रहे हैं, जिसके चलते एक गवाह के बयान पर जिरह में 2-3 दिन लग रहे हैं। वहीं कथित आरोपियों को हथकड़ी लगाने के मामले में डीजीपी सिक्योरिटी बुधवार को भी रिपोर्ट पेश नहीं कर पाए। लिहाजा कोर्ट ने मामले पर सुनवाई 18 सितंबर तक टाल दी। बचाव पक्ष का कहना है कि सरकार पक्ष की ढीली कार्यप्रणाली के कारण केस को लटकाया जा रहा है।