डिप्टी मैनेजर के खिलाफ मामला दर्ज, मैनेजर ने जांच की तो हुआ खुलासा
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी मैनेजर ने पांच किसानों को बिना गारंटी और सबूतों के ही 19.62 लाख का कर्ज दे दिया। यह खुलासा बैंक के नए मैनेजर की ओर से जांच करवाने पर सामने आया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
डिप्टी मैनेजर बृजपाल निवासी अटवा वकिया तहसील पूना उत्तर प्रदेश ने पांच किसानों हरदीप सिंह पुत्र सुखपाल सिंह निवासी गली बबलू मल्ल वाली तरनतारन, अमरीक सिंह पुत्र सरदूल सिंह निवासी गाव चुताला, हरनेक सिंह पुत्र करमजीत सिंह निवासी नूरदी बाजार तरनतारन, दर्शन सिंह पुत्र प्यारा सिंह निवासी गांव पलासोर और गुरिंदर सिंह पुत्र परमजीत सिंह निवासी नूरदी बाजार तरनतारन से मिलकर उन्हें एग्रीकल्चर लोन, गोल्ड लोन व किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत बिना दस्तावेजों व सबूतों के 19.62 लाख रुपये का लोन दे दिया। डिप्टी मैनेजर बृजपाल की ओर से जारी किए कर्ज की जब चीफ मैनेजर दीपक कुमार ने जांच की तो कर्ज की योजनाओं के तहत कोई भी रिकार्ड नहीं मिला। चीफ मैनेजर ने 15 फरवरी 2017 को एसएसपी तरनतारन के समक्ष शिकायत नंबर 177 दी। इसकी जांच डीएसपी सब डिवीजन सतनाम सिंह ने की। उक्त जांच रिपोर्ट में डिप्टी मैनेजर बृजपाल पर सभी आरोप साबित हो गए। इसके बाद पुलिस ने बृजलाल व पांचों किसानों के खिलाफ थाना सिटी तरनतारन में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर चंद्र भूषण ने बताया कि आगे की जांच कर रहे एएसआई गुरमीत सिंह ने आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापामारी शुरू कर दी है।