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दवाओ की होम डिलीवरी के दावे फेल

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अमृतसर जिला प्रशासन द्वारा कर्फ्यू के दौरान घर में बीमारों और मरीजों के लिए दवाओं की फ्री होम डिलीवरी का दावा लगभग फेल हो गया है। प्रशासन की तरफ से दवाओं की खरीद के लिए जिन मेडिकल स्टोर के नंबर जारी किए गए थे, वह या तो स्विच ऑफ हैं या रेंज से बाहर हैं।
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मेडिकल एन्क्लेव निवासी शाम सुंदर ने बताया कि वह फतेहगढ़ चुरियन रोड पर रहता है और अपनी मां के लिए दवा चाहता था। उन्होंने रतन सिंह चौक, नंगली और लोहरका रोड स्थित उन मेडिकल स्टोर में फोन किए, जिनके नंबर प्रशासन ने दिए थे। फोन या तो बंद थे, या लगभग तीन घंटे तक स्थायी रूप से व्यस्त रहे। प्रशासन ने इन नंबरों को जारी करते समय इस बात का ध्यान नहीं रखा कि इन मेडिकल स्टोर के पास घर-घर दवाई पहुंचाने की व्यवस्था भी है या नहीं।
सूरज एवेन्यू की गृहिणी रश्मि ने बताया कि उन्होंने कम से कम चार केमिस्ट की दुकानों पर कॉल किया लेकिन उनका नंबर हर बार व्यस्त था। इसके बाद अमर उजाला प्रतिनिधि ने अपने स्तर पर रतन सिंह चौक, लोहरका रोड, नंगली, रानी का बाग, प्रताप बाजार में दो और रंजीत एवेन्यू में सात केमिस्टों को फोन किए, लेकिन नंबर या तो लगातार व्यस्त थे या बंद थे। एक घंटे लगातार कोशिश के बाद भी फोन नहीं मिले।
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डीसी शिवदुलार सिंह ढिल्लों ने कहा कि ड्रग कंट्रोलर ने पहले 35 केमिस्टों को नामांकित किया था, लेकिन इन मेडिकल स्टोर के मालिकों को काम के दबाव की जानकारी नहीं थी। प्रशासन ने 111 केमिस्टों को और शामिल किया है जिनके मोबाइल नंबर जनता के साथ साझा किए जाएंगे।
मदद फाउंडेशन ने पुलिस कर्मियों के खाने की व्यवस्था की
खन्ना पेपर मिल द्वारा संचालित मदद फाउंडेशन ने शुक्रवार को राशन के 200 डिब्बे अमृतसर पुलिस (देहाती) को सौंपे। पुलिस के जवानों ने यह डिब्बे सीमावर्ती गांवों के उन परिवारों में बांटे जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर थे। पेपर मिल के डायरेक्टर सुनीत कोच्चर ने बताया कि इस डिब्बे में 10 किलोग्राम आटा, पांच किलोग्राम चावल, घी, सरसों का तेल, मसाले और अन्य घरेलू सामान है। साथ ही मदद फाउंडेशन ने 14 अप्रैल तक उन सभी पुलिस मुलाजिमों के लिए लंच व डिनर का प्रबंध करने की घोषणा की है जो 24 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। यह खाना मुलाजिमों की ड्यूटी स्थल पर पहुंचाया जाएगा। वहीं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने अपने विधानसभा के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को घरेलू सामान बांटा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपने आसपास रहने वाले कमजोर लोगों की मदद के लिए आगे आएं।
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