खेल पद्धति से गणित के सवालों को सुलझाने वाली अलका शर्मा को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सीबीएसई शिक्षक अवार्ड 2019-20 के लिए चयनित किया है। वह जिले की एकमात्र शिक्षिका हैं, जिन्हें सीबीएसई शिक्षक अवार्ड दिए जाने की घोषणा की है। अलका शर्मा बतातीं हैं कि उन्हें विश्वास है कि खेल पद्धति के जरिये की जाने वाली पढ़ाई से बच्चे अधिक और जल्दी सीखते हैं।
अलका शर्मा शिवाला बाग भाइयां के पास स्थित भवन्स एसएल स्कूल की अध्यापिका हैं। जिले में करीब 40 सीबीएसई स्कूल हैं और शायद यह पहला अवसर होगा कि एक ही स्कूल के अध्यापक को लगातार तीसरी बार इस अवार्ड के लिए चयनित किया जा रहा है। सीबीएसई द्वारा जारी की गई अवार्ड सूची में 22 अध्यापक, एक काउंसलर, एक वाइस प्रिंसिपल और 15 प्रिंसिपल शामिल हैं। जिले की एक शिक्षिका सहित कुल 39 अध्यापकों व प्रिंसिपलों को सीबीएसई टीचर अवार्ड मिलेगा। पुरस्कार में एक प्रमाण पत्र के अलावा 51 हजार रुपये व एक शॉल भेंट किया जाएगा। प्राइमरी अध्यापक की श्रेणी 2019-20 के सेशन में बेहतरीन काम करने के लिए अलका शर्मा को अवार्ड से नवाजा जाएगा। प्रिंसिपल अनीता भल्ला ने बताया कि स्कूल के लिए यह एक अनूठा व प्रशंसनीय क्षण है। लगातार तीसरी बार स्कूल के अध्यापकों को इस पुरस्कार से सम्मानित होने का सौभाग्य मिल रहा है।
बच्चों को नैतिक संस्कारों से किया परिपूर्ण, प्ले-वे पद्धति से दिया ज्ञान
अलका शर्मा ने बताया कि उनका पहला ध्येय बच्चों को भारतीय संस्कारों से जोड़े रखना है। नमस्ते के जरिये अभिवादन करने के संस्कार को आज पूरा विश्व अपना रहा है। यही वह बच्चों को सिखा भी रहीं हैं। उन्होंने बच्चों से कहा कि भगवान घर में माता पिता के रूप में उपस्थित हैं। उन्हें सुबह उठकर नमन करें और चरण स्पर्श कर माता-पिता का आशीर्वाद पाएं। जब किसी के आगे सिर झुकाते हैं तो दूसरे व्यक्ति से आशीर्वाद प्राप्त होता है। कठिन से कठिन सवाल को वह बच्चों को खेल-खेल में समझा देती हैं।
उपलब्धियां
अलका शर्मा को स्कूल में स्काउट एंड गाइड विंग की इंचार्ज के रूप में काम करने का अनुभव हासिल है।
2018 में नेशनल कैंप में बतौर कोऑर्डिनेटर के रूप में काम किया और कैंप गतिविधियों को सफलता पूर्वक संपन्न किया।
स्कूल में होने वाले कार्यक्रम में स्क्रिप्ट राइटर और कंपेयरिंग का जिम्मा संभालती हैं।