अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य के सपने को साकार करने और स्कूली स्टूडेंट्स में इनोवेशन और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए पठानकोट में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम नेशनल इनोवेशन कॉन्क्लेव 2025-26 का आयोजन करवाया। केंद्र सरकार के साइंस और टेक्नोलॉजी विभाग (डीएसटी) के सहयोग से चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित इस कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले गणमान्य व्यक्तियों में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर प्रोफेसर (डॉ.) एसएस सहगल, स्टूडेंट्स को साइंस और टेक्नोलॉजी के प्रति उत्साहित करने में शानदार भूमिका निभाने वाले डीएसटी के नेशनल पुरस्कार विजेता और राज्य पुरस्कार विजेता प्रेम सिंह शामिल थे। इस दौरान एक साइंस प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें पठानकोट के विभिन्न स्कूलों के 1,000 से ज्यादा विद्यार्थियों ने भाग लिया। साथ ही अपने साइंस प्रोजेक्ट्स भी प्रस्तुत किए। इसमें टॉप 3 प्रोजेक्ट्स को 15,000 रुपये, 10,000 रुपये और 5,000 रुपये के नकद पुरस्कार दिए गए। इस दौरान डॉ. एसएस सहगल ने कहा कि साइंस सीखने से विद्यार्थियों में इनोवेशन के लिए वैज्ञानिक स्वभाव विकसित करने में मदद मिलती है जो विकसित भारत के सपने को साकार करने की कुंजी है।