श्री हरमंदिर साहिब पहुंचीं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल।
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पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा किसानों को डेढ़ महीने से हांड़ कंपाती ठंड में सड़कों पर बैठा कर और 70 किसानों की मौत के बाद भी केंद्र सरकार अब तक किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। इससे स्पष्ट है कि केंद्र सरकार किसान आंदोलन का हल ढूंढना नहीं चाहती।
सरकार चाहती तो पहली बैठक में ही हल निकल जाता। इसी कारण आठ जनवरी को किसानों और कृषि मंत्री के बीच हुई बैठक में किसानों को दो टूक कह दिया गया कि वह अदालत का रुख कर लें। हरसिमरत श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद सोमवार दोपहर पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थीं।
हरसिमरत ने दावा किया कि वह जून से सरकार से आग्रह करती आ रही हैं कि किसानों से बातचीत कर कृषि कानूनों को लागू करें। सरकार ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया। मांगों के लिए प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है।
किसानों को इससे रोका नहीं जा सकता। उन पर कानून थोपे जा रहे हैं। यह कानून किसानों से विचार किए बिना लागू किए गए हैं। हरियाणा में किसानों पर पानी की बौछारें व आंसू गैस के गोले छोड़े गए जिससे किसान भड़क गए।
आंदोलन में मारे गए किसानों की बात पर हुईं भावुक
किसान आंदोलन में मारे गए 70 में से तीन किसानों के परिजनों को मिलकर आईं हरसिमरत कौर उनका जिक्र करते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि आंदोलन में जान गंवाने वाले वह अपने हल्के के इन परिवारों से मिलीं तो उनका दुख देखकर संताप हुआ।