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328 गायब स्वरूपों का मामला: SGPC कार्यालय अमृतसर और चंडीगढ़ पहुंची SIT, रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस

Tue, 13 Jan 2026 04:10 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़/अमृतसर

सार

श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 पावन स्वरूपों से जुड़े संवेदनशील मामले की जांच को लेकर एसआईटी के प्रमुख और एआईजी विजिलेंस जगतप्रीत सिंह बुधवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के मुख्य कार्यालय पहुंचे।
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एसजीपीसी कार्यालय अमृतसर पहुंची एसआईटी। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के गायब 328 पावन स्वरूपों से जुड़े मामले की जांच को आगे बढ़ाते हुए पंजाब सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम के प्रमुख और एआईजी विजिलेंस जगतप्रीत सिंह मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य कार्यालय पहुंचे।

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यहां उन्होंने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया शुरू की। एसजीपीसी के चार्टर्ड अकाउंटेंट सतिंदर सिंह कोहली की इस मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। 

क्योंकि यह मामला सिख संगत की धार्मिक भावनाओं से गहराई से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते इसकी जांच को लेकर पूरे प्रदेश में विशेष गंभीरता बरती जा रही है। पहले भी इस मामले की जांच चल रही थी, लेकिन जांच को और अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से एसआईटी का गठन किया गया है। एसआईटी द्वारा हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जा रही है ताकि सच्चाई सामने लाई जा सके।
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अकाल तख्त साहिब के आदेशों के बाद शिरोमणि कमेटी ने स्पष्ट किया है कि वह पुलिस जांच में पूरा सहयोग करेगी। शिरोमणि कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के आदेश उनके लिए सर्वोपरि हैं और कमेटी पूरी निष्ठा से उनका पालन करेगी। उन्होंने कहा कि एसआईटी आज कार्यालय पहुंची है और कमेटी के अधिकारी भी मौके पर मौजूद हैं।

कुलवंत सिंह मन्नन ने दोहराया कि जहां-जहां पुलिस को सहयोग की आवश्यकता होगी, वहां पूरा सहयोग दिया जाएगा, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई सामने आए। शिरोमणि कमेटी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम किया जाएगा, जिससे सिख संगत का भरोसा बना रहे।

चंडीगढ़ कार्यालय भी पहुंची टीम

वहीं मामले में एसआईटी की एक टीम अमृतसर से चंडीगढ़ स्थित एसजीपीसी कार्यालय पहुंची। पुलिस यहां कुछ रिकॉर्ड को खंगाल रही है। यहां मौजूद कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। आईपीएस गुरबंस सिंह बैंस समेत अन्य अफसर भी एसजीपीसी कार्यालय पहुंचे हैं। श्री अकाल तख्त के आदेश पर एसजीपीसी अब एसआईटी को सहयोग देने के लिए तैयार हुई है। 

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50 स्वरूप मिलने की अफवाहों को टीम ने किया खारिज 

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य कार्यालय में अहम बैठक की। 

इस दौरान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के वरिष्ठ अधिकारी एडीजीपी जगतप्रीत सिंह और एडीसीपी (विशेष) हरपाल सिंह ने कमेटी के अधिकारियों से मुलाकात कर जांच से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड की मांग की।



बैठक में शिरोमणि कमेटी के मानद मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, श्री अकाल तख्त साहिब के प्रभारी बगीचा सिंह, सहायक प्रबंधक राजिंदर सिंह रूबी और अधीक्षक निशान सिंह मौजूद रहे। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक पूछताछ नहीं, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार रिकॉर्ड एकत्र करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके लिए शिरोमणि कमेटी को लिखित अनुरोध सौंपा गया है।

एडीजीपी जगतप्रीत सिंह ने बताया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से जांच में पूरा सहयोग देने और समय पर सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मुख्य उद्देश्य न्यायमूर्ति ईश्वर सिंह आयोग की रिपोर्ट में दर्ज 328 पावन स्वरूपों का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि वे जहां भी स्थित हों, सिख मर्यादा के अनुसार सुरक्षित अवस्था में हों।

उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही उन अफवाहों को भी पूरी तरह खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने 50 पावन स्वरूप बरामद कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पूरा रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हो जाता, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अनुसार, रिकॉर्ड मिलने के बाद वित्तीय अनियमितताओं और पावन स्वरूपों के गुम होने से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। फिलहाल जांच अमृतसर स्थित शिरोमणि कमेटी मुख्यालय तक सीमित है और किसी अन्य स्थान पर टीमें नहीं भेजी गई हैं। सभी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
 
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