50 स्वरूप मिलने की अफवाहों को टीम ने किया खारिज
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने मंगलवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के मुख्य कार्यालय में अहम बैठक की।
इस दौरान स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के वरिष्ठ अधिकारी एडीजीपी जगतप्रीत सिंह और एडीसीपी (विशेष) हरपाल सिंह ने कमेटी के अधिकारियों से मुलाकात कर जांच से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड की मांग की।
बैठक में शिरोमणि कमेटी के मानद मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन, श्री अकाल तख्त साहिब के प्रभारी बगीचा सिंह, सहायक प्रबंधक राजिंदर सिंह रूबी और अधीक्षक निशान सिंह मौजूद रहे। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई औपचारिक पूछताछ नहीं, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशों के अनुसार रिकॉर्ड एकत्र करने की प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके लिए शिरोमणि कमेटी को लिखित अनुरोध सौंपा गया है।
एडीजीपी जगतप्रीत सिंह ने बताया कि शिरोमणि कमेटी की ओर से जांच में पूरा सहयोग देने और समय पर सभी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया गया है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का मुख्य उद्देश्य न्यायमूर्ति ईश्वर सिंह आयोग की रिपोर्ट में दर्ज 328 पावन स्वरूपों का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि वे जहां भी स्थित हों, सिख मर्यादा के अनुसार सुरक्षित अवस्था में हों।
उन्होंने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही उन अफवाहों को भी पूरी तरह खारिज किया, जिनमें दावा किया जा रहा है कि स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने 50 पावन स्वरूप बरामद कर लिए हैं। उन्होंने कहा कि जब तक पूरा रिकॉर्ड प्राप्त नहीं हो जाता, किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम के अनुसार, रिकॉर्ड मिलने के बाद वित्तीय अनियमितताओं और पावन स्वरूपों के गुम होने से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाएगी। फिलहाल जांच अमृतसर स्थित शिरोमणि कमेटी मुख्यालय तक सीमित है और किसी अन्य स्थान पर टीमें नहीं भेजी गई हैं। सभी रिकॉर्ड की विस्तृत जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।