अमृतसर। जिले के पूर्व सिविल सर्जन डॉ. नवदीप सिंह की ओर से प्रसव प्रक्रिया का वीडियो वायरल करने के मामले की पड़ताल के लिए वीरवार को चंडीगढ़ से स्टेट जांच कमेटी सिविल अस्पताल अमृतसर पहुंची। टीम में स्वास्थ्य विभाग के दो डिप्टी डायरेक्टर शामिल है। जांच टीम ने डॉ. नवदीप के साथ ऑपरेशन थियेटर में मौजूद गायनी डाक्टरों के बयान कलमबंद किए। इसके बाद सिविल सर्जन कार्यालय में डिप्टी मास मीडिया अधिकारी अमरदीप सिंह के बयान लिए। टीम ने सारी कार्रवाई बंद कमरे में की और किसी भी प्रकार की जानकारी देने से इंकार किया।
सूत्रों के अनुसार गायनी डॉक्टरों ने अपने बयान में साफ कहा है कि 17 नवंबर को वह लेबर रूम में सिविल सर्जन के साथ नहीं थीं। वहीं डिप्टी मास मीडिया आफिसर अमरजीत सिंह ने भी स्पष्ट कहा कि उन्होंने डा. नवदीप के कहने पर वीडियो बनाया था और उनके कहने पर ही मीडिया को जारी किया था। टीम की अगुवाई कर रहे डिप्टी डायेक्टर डा. हरिंदर सिंह ने कहा कि जांच पूरी होने तक वह कुछ नहीं कह सकते।
टीम ने इस जांच में सिविल सर्जन डा. आरएस सेठी सहित किसी भी प्रोग्राम अफसर को शामिल नहीं किया। मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने कमेटी का गठन किया था। वहीं पंजाब महिला आयोग ने अमर उजाला में छपी खबर का संज्ञान लेते हुए डॉ. नवदीप सिंह सहित स्वास्थ्य विभाग की डायरेक्टर डॉ. प्रभदीप कौर जौहल व सिविल अस्पताल की चार गायनी डाक्टरों को तलब किया है। मामले में डॉ. नवदीप सिंह को आयोग की चेयरपर्सन मनीषा गुलाटी ने कड़ी फटकार भी लगाई थी।