कोरोना संकट में निगेटिव पॉजिटिव का खेल खेल रहे तुली डायग्नोस्टिक लैब के तीन डॉक्टर्स व ईएमसी अस्पताल के मालिक पवन अरोड़ा सहित अस्पताल के दो डॉक्टरों पर पर विजिलेंस ने एफआईआर दर्ज की है।इन पर हत्या प्रयास व धोखाधड़ी की धाराएं यानी धारा 307 व 420 लगाई गई हैं।केस दर्ज होने के बाद सभी आरोपी भूमिगत हो गए हैं।
पंजाब सरकार ने अमृतसर में बढ़ते कोरोना के केसों को मद्देनजर रखते हुए मजीठा रोड स्थित तुली लैब को कोविड 19 टेस्ट करने की स्वीकृति प्रदान की थी। आरोप है कि तुली लैब संचालक डॉ. रोबिन तुली ने ईएमसी अस्पताल के डॉक्टरों से सांठगांठ की और लैब में कोविड 19 टेस्ट के दौरान निगेटिव शख्स को कोरोना पॉजिटिव घोषित किया। इसके बाद फर्जी पॉजिटिव रिपोर्ट के आधार पर कोरेाना पॉजिटिव घोषित शख्स को ईएमसी अस्पताल भेजकर इलाज करवाया। ईएमसी अस्पताल प्रशासन कोरोना ट्रीटमेंट के नाम पर प्रति मरीज से चार से पांच लाख रुपये लेते रहे।
ऐसे हुआ भंडाफोड़
इस मामले का भंडाफोड़ जय हो क्लब के प्रधान विक्की दत्ता के जरिये हुआ। विक्की दत्ता का आरोप था कि उनके ससुर की कोरोना रिपोर्ट भसीन लैब से पॉजिटिव आई थी। हमने उन्हें ईएमसी अस्पताल एडमिट करवा दिया। इसके बाद उन्होंने तुली लैब से अपने स्वजनों के टेस्ट करवाए। लैब रिपोर्ट में उनकी पत्नी, मां, साले व उसकी पत्नी को पॉजिटिव बताया गया। तुली लैब के संदर्भ में आ रही शिकायतों के मद्देनजर स्वजनों का टेस्ट सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर से करवाया तो वे निगेटिव निकले। इस मामले की शिकायत मैंने स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से की थी। स्वास्थ्य विभाग ने जांच टीम बनाई। टीम ने रिपोर्ट बनाकर सरकार को भेजी तो तुली लैब की कोविड 19 टेस्ट की मान्यता समाप्त कर दी गई। इसके बाद विजिलेंस जांच शुरू हुई। विजिलेंस ने तुली लैब व ईएमसी अस्पताल के दस्तावेज कब्जे में लिए।
गर्भवती महिला डॉक्टर ने भी लगाए थे आरोप
सरकारी मेडिकल कॉलेज में पीजी कर रही गर्भवती महिला डॉक्टर ने भी तुली लैब को कटघरे में खड़ा किया था। उसका आरोप था कि गर्भावस्था के दौरान वह डिलीवरी के लिए एक निजी अस्पताल में एडमिट हुई। डॉक्टरों ने उसका कोविड 19 टेस्ट तुली लैब से करवाया। जांच रिपोर्ट में पॉजिटिव बता दिया गया। गुरुनानक देव अस्पताल स्थित आइसोलेशन वॉर्ड में रखा गया। यहां कोरोना पॉजिटिव मरीज दाखिल थे। जिससे कोरोना होने का खतरा था। पुष्टि के लिए जांच सरकारी मेडिकल कॉलेज स्थित इंफ्लुएंजा लैब से करवाई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। इसी तरह एक अन्य मामले में लोपोके स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत एक महिला स्वास्थ्य कर्मी की रिपोर्ट भी तुली लैब ने पॉजिटिव बताई थी, जबकि सरकारी लैब की रिपोर्ट में वह निगेटिव आई।