वेरका में बीआरटीएस बस टर्मिनल में खड़ी बसें हुई कंडम, नई ई-बसें नवंबर 2026 में
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। पूरे भारत के 30 शहरों में बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम प्रोजेक्ट (बीआरटीएस) के तहत वातानुकूलित बसें चलाई गई थीं। अकाली-भाजपा सरकार ने 2016 में अमृतसर में 650 करोड़ रुपये खर्च कर 93 बसें शुरू की थीं। कांग्रेस सरकार ने 2018 में इसे घाटे का सौदा बताकर बंद कर दिया था।
लोकसभा चुनाव 2019 को देखते हुए इसे दोबारा शुरू किया गया। बीआरटीएस परियोजना से 1500 लोगों को रोजगार मिला था। लेकिन सरकारों के बदलने से बसों का संचालन बाधित होता रहा। आम आदमी पार्टी सरकार ने बिना किसी अधिसूचना के इसे बंद कर दिया। इससे 1500 कर्मचारी बेरोजगार हो गए और हजारों यात्रियों को परेशानी हुई। वेरका बाईपास स्थित बीआरटीएस बस अड्डे में बसों की हालत कंडम हो चुकी है। उनकी सही ढंग से देखभाल नहीं की गई। सरकार ने नगर निगम को बीआरटीएस कॉरिडोर का बुनियादी ढांचा हटाने के लिए 45 दिन दिए हैं। बटाला रोड, लारेंस रोड जैसे स्टेशनों पर टिकट काउंटर उपकरण या दरवाजे नहीं बचे हैं।
विकास सोनी की राय
कांग्रेसी नेता विकास सोनी ने कहा कि 650 करोड़ रुपये पहले ही खर्च हुए। अब इसे खत्म करने में और पैसा खर्च हो रहा है। इस कॉरिडोर का उपयोग यातायात सुधार के लिए किया जा सकता है। ऑटो रिक्शा और दोपहिया वाहनों को इसी लेन में रखना चाहिए। उन्होंने विशेषज्ञ की राय लेने का सुझाव दिया।
नई ई-बसों की योजना
आप विधायक इंदरबीर सिंह निज्जर ने बताया कि सरकार ने 2023 में बीआरटीएस प्रोजेक्ट शुरू किया था। लेकिन आमदन से ज्यादा खर्च के कारण इसे बंद करना पड़ा। सरकार लोगों को सुगम सार्वजनिक परिवहन देने के लिए वचनबद्ध है। नवंबर 2026 में 100 नई ई-बसें शुरू की जाएंगी। पहले चरण में 10 बसें चलेंगी और दो चार्जिंग स्टेशन तैयार हैं।
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