कहा- सरकार ने घाटे का सौदा बता किया प्रोजेक्ट बंद, मुख्यमंत्री खुद ग्राउंड रिपोर्ट जांच करें
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। बस रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (बीआरटीएस) प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी के तहत अमृतसर में लाया गया, लेकिन अब बीआरटीएस बसें पिछले कई महीनों से बंद है। वही, बसों को फिर से शुरू करवाने के लिए सोमवार को बीआरटीएस कर्मचारियों द्वारा नॉवेल्टी चौक में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जाम लगाया गया।
गौरतलब है कि तकरीबन 1500 के अधीन कर्मचारियों बीआरटीएस में काम करते है। बसें बीते वर्ष से बंद होने के कारण कर्मचारी बेरोजगार हो गए है। वही, कर्मचारियों द्वारा सरकार से अपील की गई है कि बीआरटीएस बसों को फिर से शुरू करके उन्हें रोजगार दिया जाए। वही, ट्रैफिक समस्या से जूझ रहे शहर वासियों को निजात दिलाई जाए।
बीआरटीएस एकता यूनियन के प्रधान सरबजीत सभ्रवाल ने बताया कि बीते वर्ष 2023 में बीआरटीएस प्रोजेक्ट को बिना किसी नोटिफिकेशन के बंद कर दिया गया। सरकार ने इस प्रोजेक्ट को घाटे का सौदा बता बसें चलानी बंद कर दी। जिससे तकरीबन 1500 कर्मचारी बेरोजगार हो गए है। वही, शहर के 55-60 हजार यात्री जो कि बीआरटीएस बसों में सफर करते थे वे भी सड़कों पर आ गए है। इस कारण शहर में ट्रैफिक की समस्या बढ़ गई है।
उन्होंने बताया कि बसें बंद होने के बाद से ही बीआरटीएस के मुलाजिम मंत्रियों और विधायकों से मिलते रहे यहां तक कि चंडीगढ़ में भी अफसरों से मिले। लेकिन उन्हें आश्वासन के सिवा कुछ नहीं मिला। जबकि बीआरटीएस बसें घाटे में नहीं थी। क्योंकि रोजाना हजारों यात्री इसमें सफर करते थे। यहां तक कि बसों पर इश्तिहार लगाकर भी सरकार की कमाई हो रही थी, लेकिन सरकार ने बिना ग्राउंड रिपोर्ट जाने यह प्रोजेक्ट बंद कर दिया।
मुख्यमंत्री से की प्रोजेक्ट को शुरू करने की मांग
सरबजीत ने बताया कि इस संबंध में शुक्रवार को नगर निगम कमिश्नर हरदीप सिंह से मुलाकात की गई। उन्हें मांग पत्र भी सौंपा गया था। अभी तक कोई फैसला नहीं लिया गया। इसीलिए आज मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी अपील की गई कि वह खुद आकर इस प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी प्राप्त करें। ताकि प्रोजेक्ट को शुरू करके बेरोजगार लोगों को रोजगार दिया जाए।