श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ब्रिटिश एयरवेज की एक विशेष उड़न 260 यात्रियों को लेकर लंदन रवाना हो गई। इंग्लैंड सरकार पंजाब, हिमाचल, चंडीगढ़ और जम्मू कश्मीर में फंसे ब्रिटिश मूल के निवासियों को लाने के लिए तीन दिन से निरंतर ब्रिटिश एयरवेज का विशेष जहाज अमृतसर एयरपोर्ट भेज रही है।
हवाई अड्डे पर अमर उजाला से बातचीत में भारतीय मूल के इंग्लैंड निवासी मुख्तार सिंह और उनकी पत्नी सरबजीत कौर ने कहा कि वह 9 मार्च को गुरदासपुर में अपने गांव कल्याणपुर में रिश्तेदारों को मिलने आए थे। 29 को उनकी वापसी थी। कर्फ्यू लगने के के बाद वह गांव में ही रुक गए। जब स्थानीय प्रशासन को पता चला कि हम इंग्लैंड से आए हैं, तो सहयोग करने के स्थान पर हमारे साथ ऐसा व्यवहार किया गया जैसे हम अपराधी हों। जिन रिश्तेदारों को मिलने के लिए इंग्लैंड से आए थे वह भी दूरी बनाने लगे। प्रशासन ने उनके सभी टेस्ट किए। वह क्वारंटीन में भी रहे। टेस्टों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी वह घर में ही बंद रहे। उन्होंने इंग्लैंड में अपने बच्चों से बातचीत की। बच्चों ने दिल्ली स्थित इंग्लैंड दूतावास में संपर्क स्थापित किया। इसी कारण वह आज वापस जा रहे हैं। इस अवसर पर ब्रिटिश दूतावास दिल्ली की प्रवक्ता जीवन भिंडर ने बताया कि पंजाब में अब भी कई इंग्लैंड वासी फंसे हुए हैं। इन सभी को निकालने के लिए इंग्लैंड सरकार ने 21, 23, 25 और 27 अप्रैल को चार विशेष उड़ानों का प्रबंध किया है। यह उड़ानें अमृतसर एयरपोर्ट से रवाना होंगी।
पीपीई किटें व अन्य जांच उपकरण न मिलने पर यात्रियों की जांच नहीं करेंगे
श्री गुरु राम दास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लैंड करने वाले व उड़ान भरने वाले यात्रियों की जांच के लिए तैनात डॉक्टरों व अन्य स्टाफ ने शनिवार दोपहर पीपीई किटें व अन्य उपकरण उपलब्ध न होने के कारण इंग्लैंड जाने वाले यात्रियों की जांच का काम अस्थायी रूप में कुछ देर के लिए बंद कर दिया गया। डॉ. रमन और डॉ. सोफिया ने कहा कि वह बिना पीपीई किटों के यात्रियों की जांच कर जान जोखिम में डाल रहे हैं। अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान जाने वाले दो की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद उन्होंने फैसला लिया है कि जब तक पीपीई किटें उपलब्ध नहीं करवाई जाती तब तक वह ड्यूटी नहीं करेंगे। डॉक्टरों और सेहत कर्मचारियों की यह टीम टर्मिनल से बाहर निकल आई थी।