शहर के वार्ड नं. 40 व 44 में दूषित पानी पीने से लोगों के बीमार होने के मामले पर राजनीति शुरू हो गई है।
विकास के बड़े-बड़े दावे करने वाले भाजपा चालित नगर निगम को मूलभूत सुविधा पर विपक्षी पार्टियों ने तो घेरना शुरू पहले से ही कर दिया है लेकिन अब भाजपा के अपने कुछ नेता भी निगम पर कटाक्ष करने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
कांग्रेस तो शुरू से ही भाजपा चालित नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती आई है। बीते दिनों कांग्रेसी नेता कार्तिक वडैहरा की अगुवाई में गंदे पानी की सप्लाई के चलते लोगों ने निगम के खिलाफ प्रदर्शन किया था। विपक्षी पार्टियों के हमले से चाहे भाजपा को कोई फर्क न पड़ता हो लेकिन अपने ही एक गुट की ओर से आलोचना किए जाने से भाजपा को फर्क जरूर पड़ेगा।
भाजपा के पूर्व पार्षद रह चुके सुधीर बिट्टू का कहना है कि नगर निगम शहर में साफ पानी तो उपलब्ध करवा नहीं पा रहा उल्टा गंदे पानी को ही साफ बताकर अपनी कारगुजारी साबित कर रहा है। भाजपा के पूर्व पार्षद नरेश वडैहरा का कहना है कि मेयर को लोगों की समस्याओं से कोई फर्क नहीं पड़ता है।
यदि मेयर को गरीबों की चिंता होती तो सडक़ाें-गलियों को तवज्जो देने से पहले सीवरेज व वाटर सप्लाई को सही करवाते। पूर्व भाजपा पार्षद अक्षय महाजन ने कहा कि वह करीब छह माह पहले की अपने वार्ड की ही समस्या को मेयर हल करवाने में असमर्थ हैं तो वह दूसरे वार्डों को क्या संभालेंगे।