श्री रामतीर्थ में महर्षि वाल्मीकि मंदिर के निर्माण के लिए स्थान के मुद्दे समेत अन्य मांगे मनवाने के लिए विभिन्न दलित संगठनों के लोगों ने भंडारी पुल जाम राहगीरों से मारपीट की।
यही नहीं उन्होंने एक अमृतधारी सिख युवक जसमीत सिंह की पगड़ी तक उतार फेंक दी और उसके बाल नोचे। पुलिस की मौजूदगी में हुए वाकये को पुलिस चुपचाप देखती रही।
प्रदर्शनकारियों के इस रवैया से भंडारी पुल के नीचे दुकानदार भी सहम गए। उन्होंने अपनी-अपनी दुकानें बंद कर ली। सूचना पर एसडीएम विमल सेतिया मौके पर पहुंचे।
उनके आश्वासन के बाद जाम खोला गया। पुलिस ने बदसलूकी करने वाले युवक गुरविंदरबीर सिंह निवासी छेहर्टा को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।
शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने भंडारी पुल को चारों तरफ से जाम कर दिया। जो भी वहां से गुजरता उसे रोक लिया जाता। इन लोगों ने महिलाओं तक को भी नहीं बख्शा।
भंडारी पुल के साथ ही स्पेयर पार्ट की दुकान चलाने वाले जसमीत सिंह बाइक पर हाल बाजार की ओर से दुकान पर जा रहे थे तभी प्रदर्शनकारियों ने उन्हें रोक लिया।
जसमीत ने अपनी दुकान का हवाला दिया लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उन्हें गालियां दी और मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने उनकी पगड़ी भी उतारकर फेंक दी और बाल नोच लिए।
जब जसमीत को बचाने कोई नहीं आया तो उन्होंने कृपाण निकालकर खुद का बचाव करने की कोशिश की।
भारतीय चुनाव कमीशन के आदेश पर शहर में लगाई गई धारा 144 की खूब धज्जियां उड़ाई गई। डेढ़ घंटे तक लोग जाम लगाए बैठे रहे। प्रदर्शनकारियों के चेहरे पर पुलिस का कोई खौफ नहीं था।
वह नारेबाजी करते रहे मारपीट करते रहे लेकिन पुलिस ने केवल एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर औपचारिकता पूरी कर दी।
एडीसीपी एनके शर्मा ने कहा कि अगर कोई उनके साथ उलझता है तो वे वर्दी उतारकर भी निपटने को तैयार हैं। पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा कि जिन लोगों ने भी गुंडागर्दी की है।
उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। वहीं श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने प्रदर्शनकारियों की ओर से सिख अमृतधारी युवक की पगड़ी उतार व उसके कपड़े फाड़ने की घटना की निंदा की है।