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बिक्रम मजीठिया के घर पहुंची पुलिस: हिरासत से अकाली वर्कर को छुड़ाने के आरोप में केस दर्ज, सर्च के बाद लौटी टीम

Mon, 01 Jun 2026 11:24 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

मजीठा में अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक पार्टी कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को हिरासत में लेने के बाद थाने में नहीं रखा, बल्कि उसे थाना प्रभारी के सरकारी आवास पर कमरे में बंद कर रखा गया है। इसके बाद मजीठिया माैके पर पहुंचे थे और उसे अपने साथ ले गए थे। 
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बिक्रम मजीठिया के घर पहुंची पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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थाना मजीठा से अकाली कार्यकर्ता को छुड़ाकर ले जाने के आरोप में वरिष्ठ अकाली नेता एवं पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया पर केस दर्ज कर लिया गया है।

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इसके बाद सोमवार को पंजाब पुलिस की टीम मजीठिया के अमृतसर स्थित आवास पर पहुंची। पुलिस की ओर से  विभिन्न स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई, जिसके लिए कई टीमों का गठन किया गया था। इन्हीं में से एक टीम मजीठिया के घर भी पहुंची। 
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पुलिस ने पूरे घर में सर्च किया, लेकिन घर पर फिलहाल कोई भी मौजूद नहीं था। पुलिस की ओर से एफआईआर नंबर 91 में दर्ज की गई है। 

पुलिस टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अकाली कार्यकर्ता मौके पर एकत्रित हो गए। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस भी हुई। हालांकि पुलिस ने अपनी कार्रवाई जारी रखी और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की।

गौरतलब है कि रविवार को मजीठा में उस समय विवाद खड़ा हो गया था जब अकाली दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने एक पार्टी कार्यकर्ता जोबनप्रीत सिंह को हिरासत में लेने के बाद थाने में नहीं रखा, बल्कि उसे थाना प्रभारी के सरकारी आवास पर कमरे में बंद कर रखा गया है। सूचना मिलने पर बिक्रम सिंह मजीठिया अपने समर्थकों के साथ थाना मजीठा पहुंचे थे। वहां पुलिस अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई।

अकाली नेताओं का आरोप था कि संबंधित कार्यकर्ता को थाने में पेश नहीं किया गया। इसके बाद मजीठिया और उनके समर्थक उस सरकारी आवास पर पहुंचे जहां कार्यकर्ता को रखा गया था। वहां भी पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। बाद में कार्यकर्ता के वहां से बाहर आने के बाद उसे समर्थक अपने साथ ले गए।

पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिस कार्रवाई में हस्तक्षेप करने और हिरासत में लिए गए व्यक्ति को छुड़ाकर ले जाने सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज किया। मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया को भी नामजद किया गया है। इसी प्रकरण के सिलसिले में सोमवार को पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश दी और मजीठिया के आवास पर भी टीम पहुंची।

दूसरी ओर, अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए इसका विरोध किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनके कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि पुलिस का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।  

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हरसिमरत काैर बादल ने उठाया सवाल   

वहीं बिक्रम मजीठिया के घर पंजाब पुलिस की छापेमारी पर अकाली सांसद हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पूरा पंजाब यह देख रहा है। मुख्यमंत्री बिक्रम मजीठिया से इतना क्यों डरते हैं? पुलिस, जिसे लोगों की रक्षा करनी चाहिए, आज सरकार के अहंकार को संतुष्ट करने के लिए एक मोहरा बन गई है, ताकि वे जिसे चाहें उठा सकें। बिक्रम ने क्या गलत किया? उसने किसी ऐसे व्यक्ति को गैर-कानूनी हिरासत से बचाया, जिसकी रात में मुठभेड़ होने वाली थी। मामला उन लोगों के खिलाफ दर्ज किया जाना चाहिए, जिन्होंने यह अपराध किया।
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