दो दिन पहले की गई तरनतारन के पंडित की हत्या के मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाने की मांग की गई है। ऑल इंडिया सनातन धर्म समाज के पंडितों ने रविवार को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, डीजीपी को पत्र लिखकर यह मांग उठाई है।
वहीं तरनतारन पुलिस द्वारा कत्ल की गुत्थी सुलझाते समय तंत्र-मंत्र शब्द का प्रयोग करने पर आपत्ति जताई गई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पंडित इंद्रलाल निवासी जगदंबा कालोनी की हत्या में एक आरोपी को गिरफ्तार कर वेरोवाल पुलिस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों को बचा रही है।
रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता में ऑल इंडिया भृगु महासंघ ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार गौर, सनातन धर्म समाज के पंडित छगन लाल ने बताया कि जिस तरह पुलिस ने कातिल को बचाने की खातिर तंत्र-मंत्र शब्द का प्रयोग किया, उसका सनातन धर्म विरोध करता है।
उनके साथ दिल्ली से पीरामल, फिल्लौर से मक्खन पाल, जगरांव से विनोद कुमार और पट्टी से धर्मपाल मौजूद थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म में तंत्र-मंत्रों में नहीं बल्कि हवन-यज्ञ की विधि में विश्वास रखा जाता है।
तरनतारन पुलिस ने तंत्र-मंत्र का शब्द का प्रयोग कर सनातन धर्म का अपमान किया है। राजकुमार गौर और पंडित छगनलाल ने कहा कि हत्या के अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार न किया गया तो पूरे देश में प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी तरनतारन पुलिस की होगी।
उन्होंने कहा कि पंडित इंद्रलाल पिछले चालीस साल से तरनतारन नगर काउंसिल की जगह पर पंडित का काम करते थे। दो दिन पहले गांव रेशीयाणा के रहने वाले गुरवेल सिंह ने पंडित इंद्रलाल को अपनी बीमारी से निजात दिलाने के लिए अपना हाथ दिखाने के लिए कहा और गांव अल्लोवाल के पास कार में बुलाकर तेजधार हथियारों से हत्या कर दी।
किसी को शक को न हो इसलिए उसने इंद्रलाल की गर्दन को काटकर गांव घसीटपुर पुली के पास दबा दिया और उसके धड़ को अल्लोवाल के खेतों में फेंक दिया। पुलिस ने शनिवार को पंडित का धड़ प्राप्त कर आरोपी गुरवेल सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
उसकी निशानदेही पर उसका कटा सिर भी प्राप्त कर लिया गया। वहीं एसएसपी तरनतारन मनमोहन शर्मा ने कहा कि केस की जांच चल रही है जल्द ही अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।