डॉ. नवजोत कौर सिद्धू
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भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी (बीआरपी) ने डॉ. नवजोत कौर सिद्धू को संगठन की सभी जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। वह पार्टी की राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी के पद पर कार्यरत थीं। पार्टी ने 15 अक्टूबर को जारी बयान में इसकी जानकारी दी। उनके स्थान पर सुखविंदरपाल सिंह ग्रेवाल को पंजाब प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और मुख्यालय प्रभारी मनोज चौबे की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि डॉ. नवजोत कौर सिद्धू की मौजूदा स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें संगठनात्मक जिम्मेदारियों से मुक्त करने का निर्णय लिया गया है। पार्टी ने इसे राजनीतिक कारणों से लिया गया फैसला मानने से इनकार करते हुए कहा कि उनकी सेहत और व्यक्तिगत कल्याण को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है।
बीआरपी ने अपने बयान में कहा कि पंजाब को निर्णायक नेतृत्व, जमीनी स्तर पर लगातार सक्रियता और एक विश्वसनीय राजनीतिक विकल्प की जरूरत है। पार्टी ने डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के अनुभव और मार्गदर्शन को महत्व देने की बात भी कही है। बयान के अनुसार, संगठन के साथ उनका जुड़ाव आगे भी महत्वपूर्ण रहेगा।
अप्रैल में बीआरपी में शामिल हुई थीं नवजोत कौर
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अप्रैल 2026 में बीआरपी में शामिल होने की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की थी। उस समय उन्होंने पंजाब को उसकी खोई हुई गरिमा वापस दिलाने और उसे फिर से स्वर्णिम राज्य बनाने की दिशा में काम करने की बात कही थी। उन्होंने ऐसी सरकार बनाने का संकल्प भी जताया था, जो जनता की हो और जनता के लिए काम करे।
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू इससे पहले कांग्रेस में रहते हुए भी अपने बयानों को लेकर चर्चा में रही थीं। उन्होंने पिछले साल कांग्रेस में मुख्यमंत्री की कुर्सी 500 करोड़ रुपये में बिकने का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अप्रैल 2026 में बीआरपी में शामिल हो गई थीं।