आज पंजाब का हरेक युवा विदेश जाने का ख्वाब देखता है, ताकि वह कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड में जाकर डॉलर में कमाए। लेकिन पिछले दिनों अमेरिका से डिपोर्ट होकर वापस लौटे नौजवानों को देख पूरे पंजाब में एक तरह से गुस्सा है। हालांकि पंजाब में कई लोग ऐसे भी है जो विदेशों से अपनी सरजमीं पर नया जीवन शुरू करने के लिए खुद वापस लौटे और आज एक सफल बिजनेसमैन बनकर युवाओं को रोजगार दे रहे है।
2008 में आस्ट्रेलिया गए थे अमरजीत
ऐसी ही एक मिसाल हैं अमृतसर के रहने वाले अमरजीत सिंह ढिल्लों। वह 2008 में बारहवीं की पढ़ाई करने के बाद ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन चले गए। वहां जाकर अमेरिकन कॉलेज ब्रिस्बेन में डिप्लोमा इन बिजनेस मैनेजमेंट किया। इसके साथ ही टैक्सी ड्राइविंग और फैक्टरी में 12-12 घंटे काम किया। ताकि पीछे अमृतसर में रहने वाले मां-बाप और छोटे भाई को अच्छा जीवन दे सके। लेकिन 4 साल कड़ी मेहनत के बाद 2011 में अहसास होने लगा कि यहां पर मशीन बन कर रह गए हैं। सिर्फ किश्तों, टैक्स का भुगतान करने और भोजन खाने के लिए काम कर रहे है।
ऐसे समय में जब ऑस्ट्रेलिया में कई लोग वर्क परमिट बढ़ाने और पीआर पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, तो मां-बाप से बात कर बिना कुछ सोचे समझे बैग पैक कर 12 अगस्त 2011 में वापस लौट आए।
जमा पूंजी को खेतीबाड़ी में किया इन्वेस्ट
अमरजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि 2011 में ऑस्ट्रेलिया की जमा पूंजी को पिता महिंदर सिंह ढिल्लों को सौंपते यहां पर ही कुछ करने का मन बना लिया। मां-बाप के साथ तरनतारन के गांव पंजवड़ में 20 किले जमीन खेती के लिए ली और बाद में समय के साथ अपडेट होते झब्बाल रोड पर छोटे भाई रणजीत सिंह ढिल्लों के साथ मिलकर ढिल्लों ट्रेडिंग टाइल्स और ग्रेनाइट का काम शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस समय तेलगांना, गुजरात, राजस्थान से ग्रेनाइट और टाइल मंगवाकर काम कर रहे हैं।
पंजाब में युवाओं तक नहीं पहुंच रहे बिजनेस आइडिया: ढिल्लों
अमरजीत ने कहा कि पंजाब के युवाओं में टैलेंट और मेहनत की कमी नहीं है लेकिन सिर्फ बिजनेस आइडिया उन तक न पहुंचने के कारण वह मजबूरी में बाहर जाने का रुख करते हैं और 40 से 60 लाख रुपये ट्रेवल एजेंटों के पास फंसा लेते हैं। अगर सरकारी स्कीमों के बारे में उन्हें समय-समय पर अवगत करवाया जाए, तो इतने पैसों में वह पंजाब में ही बिजनेस स्टैंड कर सकते है और बाहर विदेशों में नौकर बनने के बजाय पंजाब में ही खुद बिजनेसमैन बन सकते हैं।