-सात सदस्यीय कमेटी रहेगी सक्रिय, 2 दिसंबर के फैसलों को पूरी तरह नहीं मान रहा शिअद
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल की वर्किंग कमेटी की बैठक में श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से दो दिसंबर को गठित कमेटी को नजर अंदाज किए जाने का जत्थेदार अकाल तख्त साहिब ज्ञानी रघबीर सिंह ने सख्त नोटिस लिया है। जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने शिरोमणि अकाली दल बादल के प्रति अपने सख्त तेवर जाहिर करते हुए कहा कि शिअद 2 दिसंबर के फैसले को पूरी तरह से मानने में अभी भी आनाकानी कर रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
दो दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से शिरोमणि अकाली दल के संबंध में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था। यह कमेटी पूरी तरह कार्यरत रहनी चाहिए और उसे सौंपा गया काम करना चाहिए। मीडिया से बातचीत में जत्थेदार ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार शिरोमणि अकाली दल की कार्यकारिणी की बैठक हुई। इसमें सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। इसका स्वागत किया जाता है, लेकिन सात सदस्यीय समिति को रद्द नहीं किया जा सकता है। सात सदस्यीय कमेटी अपना रुख तय कर ले, उसे अपना काम करने दीजिए।
जत्थेदार ने कहा कि वे हमारे पास शिअद के कुछ नेता वकीलों के सुझाव लेकर आए। चुनाव आयोग की वेबसाइट से पार्टी के पंजीकरण के बारे में जो जानकारी है, वह भी हमें दी गई है। कमेटी रद्द करने संबंधी कोई आदेश नहीं दिया गया है। दो दिसंबर के अकाल तख्त के आदेशानुसार सात सदस्यीय कमेटी के में हो रही देरी के संबंध में कमेटी को कह दिया गया है कि जो काम उनको सौंप गया है। उसे मुकम्मल किया जाए। जत्थेदार ने कहा कि कार्यकारिणी के कार्यों में आना-कानी अभी भी हो रही है। यदि अकाली दल बादल की कार्यकारिणी ने सात सदस्यीय कमेटी का उल्लेख नहीं किया है, तो भविष्य में इसे ध्यान में रखना होगा।
अपना काम करती रहेगी कमेटी
अकाली नेताओं के इस्तीफे स्वीकार करने की रिपोर्ट के बारे में जत्थेदार ने कहा कि पार्टी का बयान आ गया है कि कार्यकारिणी बैठक के बाद डाॅ. चीमा ने कहा कि सुखबीर बादल का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया है, बाकी नेताओं का भी जल्दी स्वीकार कर लिया जाएगा। अकाली दल में नए सदस्यों की भर्ती शुरू करने के आदेश को अमल में लाना बहुत अच्छी बात है। नया चुनाव करने का भी सहीं फैसला है, लेकिन सात सदस्य कमेटी अपना काम करती रहेगी।