मांगों को लेकर अनशन पर बैठे 84 के एक दंगा पीड़ितों के साथ श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ने मारपीट की। पूर्व जत्थेदार पूर्ण सिंह अपने साथियों समेत अनशन वाली जगह पर पहुंचे थे। पूर्ण सिंह के साथ उनका बेटा, भतीजे और सुरक्षा कर्मचारी भी थे। इस मारपीट में अनशन कैंप में बैठा हरपाल सिंह बुरी तरह घायल हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
सिख दंगा पीड़ित अपनी मांगों के साथ-साथ यह भी मांग कर रहे थे कि उनकी जिस जमीन पर श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी पूर्ण सिंह ने कब्जा किया हुआ है, उस जगह को भी तुरंत खाली करवाया जाए। उनकी मांग थी कि सिख पंथ और श्री अकाल तख्त साहिब के मौजूदा जत्थेदार इस जगह को पूर्ण सिंह के कब्जे से मुक्त करवाएं।
इस बात से नाराज होकर ज्ञानी पूर्ण सिंह और उनके साथी अलग-अलग गाड़ियों में अनशन कैंप पहुंचे। पहले उन्होंने अपनी टाटा सूमो की साइड लगाकर दंगा पीड़ित हरपाल सिंह की बाइक तोड़ दी। फिर गाड़ियों से निकल कर अनशन पर बैठे हरपाल सिंह से मारपीट की और उसे बंदूक के बट मारने शुरू कर दिए। इस पर कैंप में हड़कंप मच गया।
इस दौरान पूर्ण सिंह पुत्र जै सिंह और भतीजों ने पीड़ितों की कालोनी में जाकर लोगों को अनशन खत्म करने की धमकियां दी। इससे नाराज प्रभावितों ने अमृतसर-तरनतारन जीटी रोड पर धरना देकर जाम लगा दिया। घायल हरपाल सिंह को सड़क पर ही लिटा कर पीड़ितों ने पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मौके पर पहुंचे थाना चाटीविंड के प्रभारी मुखविंदर सिंह ने पीड़ितों को आश्वासन दिया कि वह आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करेंगे। जिस पर पीड़ितों ने धरना उठा लिया।
मौके पर मौजूद पीड़ितों के प्रतिनिधि जगमोहन सिंह शांत ने बताया कि पीड़ितों की कालोनी के काफी हिस्से पर पूर्ण सिंह ने अपना कब्जा जमा लिया है। कालोनी के तीन क्वार्टरों पर भी पूर्ण सिंह का कब्जा है। थाना प्रभारी मुखविंदर सिंह ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। जांच खत्म होने के बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी।