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जांच के बाद तीन थानेदारों पर केस दर्ज

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अमृतसर के निज्जरपुरा टोल प्लाजा के पास पिछले साल आठ दिसंबर की सायं को हुए होशियारपुर के इंद्रजीत सिंह एनकाउंटर मामले में जंडियाला गुरु थाना के तीन थानेदारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों के बाद आईजी बार्डर रेंज ने एसएसपी देहाती को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। आईजी की जांच रिपोर्ट में इस एनकाउंटर के लिए दोषी तीनों पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज किए जाने का हुकुम किया। इसके तुरंत बाद ही इसमें जंडियाला पुलिस ने सीआईए अमृतसर में तैनात तीनों सहायक सब-इंस्पेक्टरों के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर तरसेम सिंह ने बताया कि शुक्रवार रात केस दर्ज किया गया है और जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाएगी।
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क्या है मामला
सीआईए अमृतसर में तैनात तीन थानेदार आठ दिसंबर 2020 की सायं करीब 6.30 बजे पुलिस टीम के साथ निज्जरपुरा टोल प्लाजा पर मौजूद थे। इस दौरान जालंधर की ओर से एक व्यक्ति तेज रफ्तार कार से अमृतसर की ओर आ रहा था। पुलिस पार्टी ने इस व्यक्ति की गाड़ी को रोकने के लिए अंधाधुंध गोलियां चला दी। दो गोलियां कार चलाने वाले को लगी और उसकी मौत हो गई थी। आईजी बार्डर रेंज की जांच में सामने आया कि घटना वाली सायं होशियारपुर का इंद्रजीत सिंह वहीं से किसी से कार छीन कर अमृतसर की तरफ आ रहा था।
यह हैं आरोपी थानेदार
आईजी बार्डर रेंज की जांच के बाद सामने आया कि निज्जरपुरा टोल प्लाजा पर मौजूद पुलिस ने इंद्रजीत की कार को रोकोने के लिए गोलियां चलाई। इस दौरान पुलिस ने बहुत ज्यादा बल का प्रयोग किया। जांच के दौरान सामने आया कि इसके लिए एएसआई विनोद कुमार, एएसआई दर्शन सिंह और एएसआई सुरिंदर कुमार इंद्रजीत सिंह की मौत के लिए दोषी हैं। इसलिए आईजी बार्डर रेंज ने इन पर केस दर्ज करने के हुकुम पुलिस को दिए थे।
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मृतक के भाई ने हाईकोर्ट में लगाई थी इंसाफ की गुहार
पुलिस द्वारा एनकाउंटर किए जाने के बाद जब मृतक परिवार को अमृतसर पुलिस से इंसाफ नहीं मिला, तो मृतक के भाई मनिंदर पाल सिंह पुत्र राम किशन निवासी भैरवा रोड तहसील व जिला होशियारपुर ने मामले के दोषियों का पता कर लगा उन्हें सजा दिलाए जाने की पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट ने मई 2021 में आईजी बार्डर रेंज अमृतसर को आदेश जारी कर इसमें जांच के बाद एनकाउंटर के लिए जिम्मेवार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने के आदेश दिए थे।
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