गुरदासपुर। डीसी डा. हिमांशु अग्रवाल की अध्यक्षता में पंचायत भवन में जिला स्तरीय नारको कोऑर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग हुई। मीटिंग में एडीसी डा. निधि कुमुद, एडीसी विकास मनमोहन सिंह, एसडीएम गुरदासपुर अमनदीप कौर घुम्मन, सहायक कमिश्नर सचिन पाठक, एसडीएम दीनानगर परमप्रीत सिंह गोराया के अलावा अन्य जिला अधिकारी उपस्थित थे।
डीसी ने कहा कि सिविल व पुलिस प्रशासन की ओर से विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर जिले में से नशे के खात्मे के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। नौजवानों को नशे से बचाने के लिए पुलिस विभाग की ओर से पहले ही सीमावर्ती गांवों में खेल मुकाबले करवाए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से पुलिस व बीएसएफ के साथ मिलकर इन खेल मुकाबलों का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
सीमा के साथ लगते 174 गांवों की पंचायतों की ओर से अपने गांवों को नशा मुक्त करने के लिए 30 मई तक प्रस्ताव डाले जाएंगे और एक लोक लहर बनाकर नशे को जड़ से खत्म किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सीमा के साथ लगते जिले के 174 गांवों में विशेष विलेज डिफेंस कमेटियों का गठन किया गया है। जो सुरक्षा एजेंसियों के साथ खुद भी सीमा क्षेत्र में ड्रोन सहित अन्य गतिविधियों पर नजर रखती हैं। उन्होंने विलेज कमेटी के सदस्यों से अपील की कि वह अपने क्षेत्र में चौकसी बढ़ाएं, ताकि सीमा से पार हो रही हर कार्रवाई रोकी जा सके।
नशे में फंसे लोगों को इलाज के लिए सरकारी सेहत संस्थाओं में चल रहे ओट सेंटरों में लाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि वह ओट सेंटरों व नशा छुड़ाओ केंद्रों की समय समय पर चेकिंग करते रहें। साथ ही सेंटर में सीसीटीवी भी लगाने की हिदायत जारी की।
उन्होंने अधिकारियों को हिदायत की कि गर्मियों की छुट्टियों के दौरान स्कूलों व कालेजों में नशे के खिलाफ विशेष समर कैंप लगाए जाएं। नशा एक सामाजिक समस्या है और इसे समाज के सभी वर्गों के सहयोग से खत्म किया जाएगा।