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Amritsar News: आरोप–प्रत्यारोप तेज, नामांकन वापसी व बायकॉट से गरमाया चुनावी माहौल

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-अमृतसर में जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनावों में बढ़ी हलचल, कांग्रेस का चुनाव से बहिष्कार
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पंकज शर्मा, अमृतसर
पंजाब में 14 दिसंबर को होने वाले जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों का माहौल दिन-प्रतिदिन और गरमाता जा रहा है। अमृतसर जिले में नामांकन, आपत्तियां और वापसी की समयसीमा पूरी होने के बाद चुनावी सियासत ने एक नया मोड़ ले लिया है। आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है जहां कई दलों ने प्रशासन पर पक्षपाती और दबाव की राजनीति का आरोप लगाया है। हालांकि सत्ताधारी दल आम आदमी पार्टी (आप) इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बता रहा है।
अमृतसर के अजनाला, राजासांसी और मजीठा ब्लॉकों में कांग्रेस ने जिला परिषद और ब्लॉक समिति चुनावों का बहिष्कार किया है। कांग्रेस नेताओं गुरजीत सिंह औजला और हरप्रताप सिंह अजनाला का कहना है कि आप ने विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन करने से रोकने के लिए भारी दबाव बनाया। इसके अलावा, उनके कुछ उम्मीदवारों को धमकाया गया, जबकि कुछ के दस्तावेज़ गायब कर दिए गए। कांग्रेस का आरोप है कि प्रशासनिक दखल के कारण चुनाव निष्पक्ष नहीं हो पाएंगे।
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अकाली दल का गंभीर आरोप– मजीठा में सियासी संघर्ष
अकाली दल की विधायक गुनीव कौर ने मजीठा में आप के स्थानीय नेताओं पर आरोप लगाया कि उन्होंने विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन से रोका और कई को धमकाकर चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया। गुनीव कौर ने कहा कि चुनाव में दबाव की राजनीति और प्रशासनिक दखल साफ नजर आ रहा है। आप ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए कहा कि विपक्ष हार के डर से गलत आरोप लगा रहा है।
चुनावी मुद्दे
इस चुनाव में जमीनी मुद्दे भी अहम बनकर सामने आ रहे हैं जैसे- सड़कें, पानी की गुणवत्ता, किसानों की समस्याएं, और युवाओं का पलायन। इसके अलावा, पंचायत फंडों के उपयोग में पारदर्शिता और पिछली सरकारों के अधूरे विकास कार्य भी बड़े मुद्दे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की खराब स्थिति और जलभराव की समस्या भी मतदाताओं के बीच चिंता का विषय बनी हुई है। वहीं, किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने और युवाओं के लिए रोजगार की कमी भी चुनावी चर्चा में हैं।
प्रशासन की निष्पक्षता पर सवाल
विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रशासन आम आदमी पार्टी के दबाव में काम कर रहा है, लेकिन प्रशासन इसे नकारते हुए कहता है कि चुनाव पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष हो रहे हैं। आप के प्रवक्ता कुलदीप सिंह धालीवाल ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि कांग्रेस और अकाली दल अपने हार के डर से हिंसा और धमकियों का सहारा ले रहे हैं।
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अगले चरण में दिलचस्प मुकाबला
नामांकन वापसी और आरोपों के बीच चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। आप को कुछ सीटों पर बढ़त मिलती दिख रही है लेकिन बायकॉट और आरोपों से विपक्ष के समर्थकों में असंतोष भी बढ़ा है। आने वाला चुनाव यह तय करेगा कि जनता किसे विकास और किसे दबाव की राजनीति के रूप में चुनेगी। अमृतसर का यह चुनाव केवल स्थानीय निकाय चुनाव नहीं, बल्कि पंजाब की राजनीतिक दिशा का भी निर्धारण कर सकता है।
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