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Amritsar News: विदेश में युवक ने मेडिकल की पढ़ाई के लिए दाढ़ी कटवाने से किया इन्कार

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-जत्थेदार गड़गज्ज ने किय सम्मानित
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार और तख्त श्री केसगढ़ साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सिख स्वरूप के साथ विदेश में मेडिकल की पढ़ाई जारी रखने वाले सिख युवक हर्षदीप सिंह को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया।
बठिंडा जिले के तलवंडी साबो निवासी हर्षदीप सिंह और उनकी बहन बीबी गुरप्रीत कौर उज्बेकिस्तान स्थित ताशकंद यूनिवर्सिटी मेडिकल अकादमी से एमबीबीएस की पढ़ाई करने विदेश गए हैं। कोर्स के दौरान अकादमी के प्रोफेसर ने हर्षदीप सिंह पर शर्त रखी कि अगर उन्हें सर्जरी क्लास में प्रवेश लेना है तो उन्हें अपनी दाढ़ी कटवानी होगी। ऐसे में हर्षदीप सिंह ने अपने केश कटवाने के बजाय विदेश में अपनी मेडिकल की पढ़ाई छोड़ दी। हर्षदीप सिंह ने ताशकंद विश्वविद्यालय के डीन को भी सिख पहचान में दाढ़ी के महत्व से अवगत कराने की कोशिश की लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। बाद में हर्षदीप सिंह ने अपने क्षेत्र के एक सिख सांसद के माध्यम से भारत सरकार के समक्ष यह मामला उठाया जिन्होंने विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर समाधान की मांग की। मामला सुलझने के बाद ताशकंद मेडिकल अकादमी ने हर्षदीप सिंह को दाढ़ी सहित सर्जरी की कक्षा आयोजित करने की लिखित अनुमति दे दी प्रोफेसर ने लिखित में माफी मांगी और भविष्य में भी सिख छात्रों के लिए यह शर्त हटा दी।
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जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने कहा कि हर्षदीप सिंह बधाई के पात्र हैं कि उन्होंने विदेश में सिख पहचान और अपने अधिकारों से जुड़े मामले में दृढ़ता से खड़े होकर अपनी योग्यता से इस मामले को उजागर किया। इससे सिख बच्चों के लिए उज्बेकिस्तान स्थित ताशकंद मेडिकल अकादमी में अपनी पहचान बनाए रखते हुए मेडिकल की पढ़ाई करने का रास्ता साफ हुआ। इसके लिए उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया गया है।
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