-भाजपा पंजाब की शांति कर रही भंग, छात्रों से मांगे माफी: चीमा
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब विश्वविद्यालय में सीनेट चुनाव करवाने को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है। पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया जिसके बाद पंजाब के राजनीतिक दलों आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल ने पुलिस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है।
कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि भाजपा पंजाब की शांति भंग करने का काम कर रही है। पीयू सीनेट मुद्दे पर पंजाब भाजपा नेता अब चुप है। उन्होंने इस मसले पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। साथ ही पीयू के छात्रों से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब से नफरत करती है और बार-बार यह बात साबित कर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने हमेशा भाजपा को मुंहतोड़ जवाब दिया है और चुनाव में भाजपा को इसके भी नतीजे भुगतने पड़ेंगे।
चीमा ने कहा कि तीन काले कृषि कानून, भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के बाद अब पंजाब विश्वविद्यालय को निशाना बनाया जा रहा है। असली उद्देश्य राज्य में माहौल खराब करना है जिसमें सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विश्वविद्यालय में भी अपना वोट चोरी फॉर्मूला लागू करना चाहती है। चीमा ने कहा कि छात्रों का अपमान किया गया। नौजवानों की पगड़ी की बेअदबी की गई व उनके कपड़े फाड़े गए हैं। इसी तरह आम आदमी पार्टी पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने भी छात्रों पर कार्रवाई का विरोध किया है।
वड़िंग ने हरियाणा पुलिस के मोहाली में प्रवेश पर उठाए सवाल
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की है। साथ ही उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस की चंडीगढ़ में एंट्री पर भी सवाल उठाए हैं। वड़िंग ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रदेश में एंट्री करके गलत किया है क्योंकि यह उनका अधिकार क्षेत्र नहीं है। साथ ही उन्होंने पीयू में पहुंचने से रोकने के लिए हरियाणा पुलिस की मदद से चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई का भी विरोध किया है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार को राज्य के क्षेत्रीय अधिकार के इस उल्लंघन के लिए हरियाणा सरकार के समक्ष औपचारिक रूप से विरोध दर्ज कराना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला : बाजवा
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पीयू में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई लोकतंत्र पर हमला है। बाजवा ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध कोई अपराध नहीं है बल्कि यह एक सांविधानिक अधिकार है इसलिए पुलिस कार्रवाई शर्मनाक है। बाजवा ने कहा कि पंजाब विश्वविद्यालय के शासन को हाईजैक करने का केंद्र सरकार प्रयास कर रही है। सीनेट चुनाव की मांग जायज है। अगर छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया तो केंद्र को कड़े विरोध का सामना करना पड़ेगा।
मोहाली में हरियाणा पुलिस का प्रदर्शनकारियों को रोकना गलत : सुखबीर
शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने कहा कि मोहाली में हरियाणा पुलिस की तरफ से चंडीगढ़ में दाखिल होने से प्रदर्शनकारियों को रोका गया जो पंजाब सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि शिअद पूरी तरह से छात्रों के साथ है। पार्टी का छात्र संगठन भी पीयू की इस लड़ाई में डटकर मुकाबला कर रहा है।